
कानपुर-इटावा हाईवे 200 मीटर धंसा, आंधी-बारिश से 25 की मौत:ब्रजेश पाठक का हेलिकॉप्टर उड़ नहीं पाया; आज 66 जिलों में बरसात का अलर्टयूपी में बारिश से हालात बिगड़ने लगे हैं। पूरे प्रदेश में गुरुवार से जोरदार बारिश हो रही है। 40-50 किमी. की रफ्तार से आंधी चल रही है। सड़कें तालाब बन गई हैं। कॉलोनियों में पानी घुस गया है। 32 जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है
लखनऊ/कानपुर। उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। गुरुवार से कई हिस्सों में जारी बारिश के बीच जलभराव, सड़क क्षति, पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की घटनाएं सामने आई हैं। मौसम विभाग ने 26 और 27 सितंबर को कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है।
कानपुर-इटावा हाईवे पर सड़क में दरार
कानपुर देहात के सिकंदरा क्षेत्र में कानपुर-इटावा हाईवे के साकिन बुजुर्ग के पास ओवरब्रिज पर करीब 100 मीटर हिस्से में दरार आने की सूचना है। दरार के बाद इटावा की ओर जाने वाले वाहनों को ओवरब्रिज पर रोककर सर्विस लेन से निकाला गया और बैरिकेडिंग की गई। उपलब्ध रिपोर्ट में इसे 200 मीटर धंसने के बजाय करीब 100 मीटर लंबी दरार बताया गया है।
65 हजार किलोमीटर से ज्यादा सड़कें प्रभावित
लगातार बारिश के कारण प्रदेश के विभिन्न विभागों के रोड नेटवर्क में करीब 65,090 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त होने की प्रारंभिक रिपोर्ट सामने आई है। लोक निर्माण विभाग, नगर विकास, पंचायती राज और अन्य विभागों की सड़कों को नुकसान पहुंचा है। विभागों को प्राथमिकता के आधार पर क्षतिग्रस्त सड़कों को मोटरेबल बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
कानपुर में 18 घंटे में करीब 60 मिमी बारिश दर्ज की गई और अधिकतम तापमान सामान्य से 8.4 डिग्री नीचे पहुंच गया। भारी बारिश के कारण कानपुर समेत कई जिलों में स्कूलों को बंद रखने के आदेश भी जारी किए गए हैं।
66 जिलों तक मौसम का असर
सरकारी राहत व्यवस्था से जुड़ी जानकारी के मुताबिक प्रदेश के कई हिस्सों में रेड और ऑरेंज अलर्ट के साथ अचानक बाढ़ की आशंका वाले जिलों को भी सतर्क किया गया है। लखनऊ और कानपुर नगर समेत 32 जिलों के कुछ वाटरशेड क्षेत्रों में अचानक बाढ़ की संभावना को देखते हुए राहत एवं बचाव एजेंसियों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
रेड अलर्ट वाले जिलों में लखीमपुर खीरी, सीतापुर, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर शामिल हैं, जबकि कई अन्य जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
40 से 60 किमी प्रति घंटे की हवाओं का अलर्ट
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। कुछ इलाकों में इससे भी अधिक तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 27 सितंबर को भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
ब्रजेश पाठक का हवाई सफर प्रभावित
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का शनिवार को खराब मौसम के कारण हवाई मार्ग से गाजीपुर का आगे का सफर प्रभावित हुआ। वाराणसी पहुंचने के बाद वह मौसम अनुकूल नहीं होने के चलते सड़क मार्ग से गाजीपुर रवाना हुए।
मौतों के आंकड़े में अलग-अलग रिपोर्ट
बारिश और आंधी से मौतों को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। राहत आयुक्त कार्यालय ने पिछले 48 घंटे में उत्तर प्रदेश में 25 मौतें, पांच घायल और 117 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी दी है।
प्रशासन अलर्ट, 24 घंटे में सहायता के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को अतिवृष्टि और आकाशीय बिजली से प्रभावित परिवारों तक 24 घंटे के भीतर हर संभव सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारियों को फील्ड में रहकर स्थिति की निगरानी करने और जरूरत पड़ने पर स्कूल-कॉलेज तथा गैर-जरूरी सेवाएं बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।
बारिश के बीच प्रशासन ने लोगों से खुले स्थानों, पेड़ों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने तथा मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। प्रदेश में मौसम का असर 27 सितंबर तक बने रहने की संभावना जताई गई है।


