
गोरखपुर में योगी का राहुल गांधी पर तंज, बोले— ‘राहुल फुस्स, उनका धुआं निकल चुका है’; नितिन नवीन ने भी साधा निशाना
‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा में कांग्रेस और सपा पर बरसे मुख्यमंत्री, नितिन नवीन ने राहुल गांधी को लेकर दिया बयान; 2027 चुनाव से पहले यूपी में तेज हुई सियासी बयानबाजी
उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले जुबानी जंग तेज होती दिखाई दे रही है। बुधवार को गोरखपुर में भारतीय जनता पार्टी की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। मुख्यमंत्री योगी ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर चुनावी हार के बाद बहाने बनाने का आरोप लगाया, वहीं नितिन नवीन ने राहुल गांधी को लेकर तीखी टिप्पणी की।
योगी बोले— चुनाव हारने पर EVM और SIR को देते हैं दोष
गोरखपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों नेता चुनाव में हार के बाद कभी EVM तो कभी SIR को जिम्मेदार ठहराते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल अपनी हार की समीक्षा करने के बजाय चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाते हैं।
योगी ने दोनों नेताओं की राजनीतिक जोड़ी पर तंज कसते हुए कहा कि जनता बार-बार उन्हें नकार रही है, लेकिन वे अपनी कमियों पर विचार करने के बजाय नए बहाने तलाशते हैं। मुख्यमंत्री ने विपक्ष के रवैये को लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति अविश्वास से जोड़ते हुए भाजपा की पदयात्रा को लोकतंत्र के समर्थन में जनजागरण अभियान बताया।
राहुल गांधी पर नितिन नवीन का तीखा हमला
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को विदेशी टूलकिट नेटवर्क के जरिए इस्तेमाल किया जा रहा है और इस तरह देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश की जा रही है।
नितिन नवीन ने कहा कि भाजपा ऐसी कोशिशों को सफल नहीं होने देगी। उन्होंने राहुल गांधी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल पूछने पर भी टिप्पणी की और अमेठी में विकास कार्यों को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठाए।
गोरखपुर से निकली भाजपा की पदयात्रा
भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा गोरखपुर के महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज से शुरू हुई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ पार्टी के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। पदयात्रा का समापन सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा के निकट स्थित माता काली मंदिर के पास हुआ।
भाजपा ने इस अभियान को विपक्ष की ओर से संवैधानिक संस्थाओं पर उठाए जा रहे सवालों के जवाब और लोकतांत्रिक व्यवस्था के समर्थन में जनजागरण की पहल बताया है। पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल चुनावी प्रक्रिया को लेकर भ्रम फैला रहे हैं।
SIR और चुनाव आयोग को लेकर जारी है राजनीतिक टकराव
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भाजपा और विपक्ष के बीच पहले से ही टकराव जारी है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का आरोप है कि SIR के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाने और जोड़ने में अनियमितताएं हो सकती हैं। वहीं भाजपा का कहना है कि मतदाता सूची को दुरुस्त करने के लिए यह प्रक्रिया जरूरी है।
गोरखपुर की पदयात्रा इसी राजनीतिक विवाद के बीच आयोजित की गई। भाजपा नेताओं के बयानों से साफ है कि पार्टी आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले SIR और विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक बहस का प्रमुख मुद्दा बनाए रखना चाहती है।
2027 से पहले यूपी में तेज होगी सियासी बयानबाजी
गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के हमलों ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा शुरू कर दी है। एक ओर भाजपा विपक्ष पर चुनावी हार के बाद संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप लगा रही है, तो दूसरी ओर कांग्रेस और विपक्षी दल SIR की निष्पक्षता तथा चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं।
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भाजपा के इस अभियान पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है और SIR का मुद्दा 2027 के विधानसभा चुनाव की राजनीति में किस तरह आगे बढ़ता है।


