Friday, November 6, 2026
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नेहा बोरा के ‘मंदिरों में रेप’ वाले बयान पर बवाल, बयान वायरल होते ही पुलिस थाने पहुंचीं अधिवक्ता अब अदालत जाने की भी तैयारी

नेहा बोरा के मंदिरों में पुजारियों को लेकर दिए बयान पर विवाद तेज, FIR की मांग लेकर पुलिस पहुंचीं अधिवक्ता

स्वराज इंडिया ब्यूरो/नई दिल्ली। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा के मंदिरों में महिलाओं की सुरक्षा और पुजारियों के कथित आचरण को लेकर दिए गए बयान पर विवाद गहरा गया है। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो के बाद अधिवक्ता अमिता सचदेवा ने दिल्ली पुलिस में शिकायत देकर नेहा बोरा के खिलाफ FIR दर्ज करने और पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।

यह शिकायत नई दिल्ली के संसद मार्ग थाने में दी गई। कुछ रिपोर्टों में नई दिल्ली जिले के साइबर पुलिस थाने में भी शिकायत दिए जाने का उल्लेख है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि बयान में पुजारी समुदाय को लेकर व्यापक टिप्पणी की गई है, जिससे अलग-अलग सामाजिक और धार्मिक समूहों के बीच तनाव तथा वैमनस्य बढ़ने की आशंका है।

BNS की धारा 196 के तहत कार्रवाई की मांग

अधिवक्ता अमिता सचदेवा ने अपनी शिकायत में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 196 और अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग की है। यह धारा विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी, नफरत या वैमनस्य को बढ़ावा देने वाले कृत्यों से संबंधित है।

सचदेवा का कहना है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता संवैधानिक अधिकार है, लेकिन सार्वजनिक मंचों पर दिए गए बयानों की भी कानूनी जिम्मेदारी होती है। उन्होंने पुलिस से बयान के संदर्भ, उसकी भाषा और सोशल मीडिया पर प्रसार की जांच करने का अनुरोध किया है।

वीडियो में क्या बोली थीं नेहा बोरा?

विवाद की शुरुआत उस वीडियो के दोबारा सामने आने के बाद हुई, जिसमें नेहा बोरा महिलाओं और वंचित वर्गों की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए तथाकथित ‘ब्राह्मणवादी व्यवस्था’ पर सवाल करती दिखाई देती हैं। वीडियो में उन्होंने गरीबों, शूद्रों, जानवरों और महिलाओं के साथ कथित भेदभाव तथा दुर्व्यवहार का जिक्र किया।

इसी दौरान उन्होंने ब्राह्मण महिलाओं की सुरक्षा और मंदिरों में पुजारियों के आचरण को लेकर भी टिप्पणी की। उनके बयान के उस हिस्से पर आपत्ति जताई जा रही है, जिसमें मंदिरों के भीतर पुजारियों द्वारा महिलाओं के साथ दुष्कर्म किए जाने की बात कही गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस तरह की व्यापक टिप्पणी किसी पूरे समुदाय के प्रति नकारात्मक धारणा और वैमनस्य पैदा कर सकती है।

हालांकि, बयान को लेकर उठे विवाद के बीच यह भी जरूरी है कि किसी भी यौन अपराध के आरोप की जांच विशिष्ट घटना, उपलब्ध साक्ष्य और कानून के आधार पर हो। किसी पूरे समुदाय को दोषी ठहराना और किसी व्यक्ति के खिलाफ प्रमाणित आरोप—दो अलग-अलग बातें हैं।

पुलिस कार्रवाई नहीं हुई तो अदालत जाने की चेतावनी

मीडिया से बातचीत में अमिता सचदेवा ने कहा कि उन्होंने BNS की धारा 196 के तहत पुलिस में शिकायत दी है। उनके मुताबिक, पुलिस ने शिकायत पर वरिष्ठ अधिकारियों से विचार-विमर्श कर उचित कार्रवाई करने की बात कही है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं होती है तो वह संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क करेंगी और जरूरत पड़ने पर अदालत का रुख करेंगी।

उन्होंने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 175(3) के तहत अदालत से FIR दर्ज कराने संबंधी निर्देश मांगने की बात कही है।

फिलहाल FIR की पुष्टि नहीं, पुलिस के अगले कदम पर नजर

4 नवंबर 2026 तक उपलब्ध सार्वजनिक रिपोर्टों में नेहा बोरा के खिलाफ FIR दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल मामला पुलिस शिकायत और कार्रवाई की मांग के स्तर पर है। शिकायत पर पुलिस क्या निर्णय लेती है, क्या बयान और वीडियो की जांच की जाती है तथा आगे कोई कानूनी कदम उठता है—इस पर सबकी नजर बनी हुई है।

नेहा बोरा के बयान और उनके खिलाफ की गई शिकायत, दोनों को लेकर विवाद जारी है। अब इस मामले में पुलिस की जांच और संबंधित अधिकारियों का अगला कदम अहम होगा।

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