
स्वराज इंडिया ब्यूरो/लखनऊ। उत्तर प्रदेश में होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने अपनी रणनीति के अहम हिस्से को स्पष्ट कर दिया है। पार्टी की विधायकों के साथ हुई बैठक में प्रोफेसर रामगोपाल यादव और पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन को राज्यसभा उम्मीदवार बनाने पर सहमति बनी है। वहीं, तीसरी सीट के लिए उम्मीदवार उतारने को लेकर पार्टी में अभी मंथन जारी है।
रामगोपाल यादव की फिर राज्यसभा वापसी की तैयारी
प्रोफेसर रामगोपाल यादव सपा के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं और वर्तमान में राज्यसभा सदस्य हैं। उनका मौजूदा कार्यकाल नवंबर 2026 में समाप्त हो रहा है। पार्टी ने उन्हें एक बार फिर उच्च सदन भेजने का फैसला किया है।
रामगोपाल यादव लंबे समय से समाजवादी पार्टी की संसदीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। ऐसे में उनके नाम पर पार्टी के भीतर सहमति बनना राज्यसभा चुनाव की रणनीति का पहला स्पष्ट संकेत माना जा रहा है।
आलोक रंजन पर फिर जताया भरोसा
दूसरे उम्मीदवार के तौर पर पूर्व IAS अधिकारी और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन का नाम तय किया गया है। वह प्रशासनिक अनुभव के साथ सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ रणनीतिक भूमिका में भी जुड़े रहे हैं।
आलोक रंजन इससे पहले 2024 के राज्यसभा चुनाव में भी सपा के उम्मीदवार रहे थे। उस चुनाव में उन्होंने नामांकन दाखिल किया था।
अब पार्टी ने एक बार फिर उनके नाम पर भरोसा जताया है।
तीसरी सीट पर किसका नंबर आएगा?
सपा की बैठक में तीसरे उम्मीदवार को मैदान में उतारने पर भी चर्चा हुई, लेकिन अभी अंतिम नाम तय नहीं हुआ है। सलीम शेरवानी का नाम बैठक में चर्चा में आने की बात सामने आई है। वहीं ताजा रिपोर्टों में चौधरी रूद्रसेन और अरविंद सिंह गोप के नाम भी संभावित दावेदारों के तौर पर सामने आए हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक तीसरे उम्मीदवार के चयन में पार्टी के लिए विधायकों का समर्थन जुटाना अहम पहलू हो सकता है।

37 वोट का गणित, तीसरी सीट के लिए अतिरिक्त समर्थन जरूरी
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों पर 16 अक्टूबर 2026 को मतदान होना है। चुनाव आयोग ने 29 सितंबर को अधिसूचना जारी करने, 6 अक्टूबर तक नामांकन और 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच का कार्यक्रम तय किया है।
विधानसभा की मौजूदा प्रभावी संख्या को 397 मानें तो राज्यसभा की एक सीट के लिए 37 प्रथम वरीयता वोट जरूरी होंगे। उपलब्ध राजनीतिक आंकड़ों के अनुसार सपा के पास कांग्रेस के समर्थन को जोड़ने पर करीब 103 विधायकों का आंकड़ा बताया जा रहा है। ऐसे में दो उम्मीदवारों के लिए 74 वोट इस्तेमाल होने के बाद लगभग 29 वोट बचते हैं।
इस गणित में तीसरी सीट के लिए करीब 8 अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की जरूरत पड़ सकती है। हालांकि अंतिम तस्वीर नामांकन और मतदान के समय वास्तविक समर्थन पर निर्भर करेगी।
तीसरे उम्मीदवार के लिए सलीम शेरवानी समेत कई नाम
सलीम शेरवानी सपा के वरिष्ठ नेताओं में शामिल रहे हैं और कई बार लोकसभा का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उनके नाम पर चर्चा को पार्टी के सामाजिक और राजनीतिक समीकरण से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि उनकी उम्मीदवारी पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जुड़े चौधरी रूद्रसेन और वरिष्ठ सपा नेता अरविंद सिंह गोप का नाम भी संभावित दावेदारों में सामने आया है। पार्टी नेतृत्व इन नामों पर समर्थन जुटाने की क्षमता और राजनीतिक समीकरणों के आधार पर विचार कर रहा है, ऐसी रिपोर्टें सामने आई हैं।
16 अक्टूबर को होगा फैसला
राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू होगी। नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर, जांच 7 अक्टूबर और नाम वापसी की अंतिम तारीख 9 अक्टूबर है। जरूरत पड़ने पर 16 अक्टूबर को मतदान होगा और उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी।
फिलहाल सपा ने रामगोपाल यादव और आलोक रंजन के नाम स्पष्ट कर दिए हैं। तीसरे उम्मीदवार को लेकर फैसला होना अभी बाकी है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि पार्टी तीसरी सीट के लिए किस चेहरे को मैदान में उतारती है और उसके पक्ष में कितना अतिरिक्त समर्थन जुट पाता है।


