
स्वराज इंडिया ब्यूरो/गाजियाबाद। साहिबाबाद थाना क्षेत्र की गुलमोहर ग्रीन सोसायटी में सातवीं कक्षा की 13 वर्षीय छात्रा की मौत के बाद मामला गंभीर हो गया है। घटना के बाद परिवार ने स्कूल की गणित शिक्षिका पर छात्रा को पढ़ाई और कम अंकों को लेकर कथित तौर पर मानसिक रूप से परेशान करने के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, शिक्षिका पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
छात्रा की डायरी ने बढ़ाए सवाल
परिजनों का दावा है कि छात्रा अपनी स्कूल डायरी में पिछले कुछ समय से शिक्षिका के व्यवहार और पढ़ाई से जुड़ी परेशानी का उल्लेख कर रही थी। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, परिवार को डायरी में कई ऐसे पन्ने मिले जिनमें छात्रा ने कथित तौर पर शिक्षिका से जुड़ी परेशानी लिखी थी। परिवार का कहना है कि जुलाई में पैरेंट-टीचर मीटिंग के दौरान भी उन्होंने स्कूल प्रबंधन के सामने शिक्षिका को लेकर शिकायत की थी।
पुलिस अब डायरी में दर्ज बातों और परिवार के बयानों को जांच का हिस्सा बना रही है। साथ ही स्कूल से जुड़े तथ्यों और छात्रा की परिस्थितियों की भी पड़ताल की जा रही है।
गणित में कम अंक को लेकर परिवार ने लगाए आरोप
परिजनों के मुताबिक छात्रा दूसरे विषयों में अच्छा प्रदर्शन करती थी, लेकिन गणित में उसके अंक अपेक्षाकृत कम आते थे। परिवार का आरोप है कि इसी वजह से शिक्षिका उसे कथित तौर पर डांटती और कक्षा में अपमानित करती थीं।
परिवार का यह भी कहना है कि छात्रा को स्कूल खुलने और गणित की शिक्षिका के सामने जाने को लेकर डर महसूस होने लगा था। हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने से पहले इन आरोपों को तथ्य के रूप में स्थापित नहीं किया जा सकता।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद साहिबाबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने छात्रा के परिजनों के बयान लिए हैं तथा स्कूल प्रबंधन से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने परिवार से शिकायत देने के संबंध में भी बात की थी, जबकि परिवार की ओर से फिलहाल किसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग नहीं किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या सामने आया
पुलिस ने छात्रा का पोस्टमार्टम कराया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पोस्टमार्टम में गंभीर चोटों के कारण मौत की पुष्टि हुई है। मामले की जांच में पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को शामिल किया जा रहा है।
स्कूल प्रबंधन का पक्ष अभी महत्वपूर्ण
मामले में परिवार की ओर से शिक्षिका पर लगाए गए आरोपों के साथ-साथ स्कूल प्रबंधन और संबंधित शिक्षिका का पक्ष भी महत्वपूर्ण होगा। उपलब्ध रिपोर्टों में इस पक्ष का विस्तृत जवाब सामने नहीं आया है।
पुलिस की जांच में छात्रा की डायरी, परिवार के बयान, स्कूल से संबंधित जानकारी और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को देखा जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि छात्रा की मौत के पीछे वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं।
पढ़ाई के दबाव पर फिर उठे सवाल
घटना ने बच्चों पर पढ़ाई और अंकों के दबाव तथा स्कूल और परिवार के बीच संवाद को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों के व्यवहार में अचानक बदलाव, लगातार डर या असामान्य तनाव दिखाई देने पर अभिभावकों और स्कूल को संवेदनशीलता से बात करनी चाहिए।
फिलहाल इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि पुलिस जांच जारी है और शिक्षिका पर लगाए गए आरोप अभी जांच के स्तर पर हैं। जांच के निष्कर्ष और संबंधित पक्षों के बयान सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।


