
स्वराज इंडिया ब्यूरो/जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान कथित आदर्श आचार संहिता और कोविड-19 नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामले में समाजवादी पार्टी की विधायक डॉ. रागिनी सोनकर की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मछलीशहर से जुड़े इस मामले में एमपी-एमएलए अदालत ने विधायक समेत तीन आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया है। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 22 अक्टूबर 2026 की तारीख निर्धारित की है।
अदालत में पेश नहीं होने पर जारी हुआ वारंट
मामले की सुनवाई अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय एवं एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रही है। रिपोर्टों के अनुसार, अदालत ने आरोपियों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर बयान दर्ज कराने का निर्देश दिया था। निर्धारित तारीख पर विधायक डॉ. रागिनी सोनकर, राजेश यादव और कैलाश नाथ सोनकर उपस्थित नहीं हुए, जबकि सरवर राईन और मोहम्मद मुश्ताक अदालत पहुंचे।
रिपोर्ट के मुताबिक, विधायक और कैलाश नाथ सोनकर की ओर से लखनऊ में विधानसभा संबंधी बैठक के कारण अनुपस्थित रहने की जानकारी देते हुए सुनवाई स्थगित करने का अनुरोध किया गया था। अदालत ने प्रार्थना पत्र स्वीकार नहीं किया और तीन आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया।
2022 के चुनाव प्रचार से जुड़ा है मामला
यह मामला 17 फरवरी 2022 का है, जब मछलीशहर विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान कथित जुलूस निकाले जाने को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस के आरोप के अनुसार, तत्कालीन सपा प्रत्याशी डॉ. रागिनी सोनकर अपने समर्थकों के साथ वाहनों और पैदल जुलूस में निकली थीं। इस दौरान झंडे और बैनर लहराने तथा आवागमन बाधित होने के आरोप लगाए गए थे।
पुलिस ने जुलूस के दौरान आदर्श चुनाव आचार संहिता और कोविड-19 से जुड़े दिशा-निर्देशों के उल्लंघन का आरोप लगाया था। मामले में नामजद आरोपियों के साथ करीब 125 अज्ञात लोगों का भी उल्लेख किया गया था। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था।
विधायक ने खबर को बताया भ्रामक
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, डॉ. रागिनी सोनकर ने इस खबर को भ्रामक बताते हुए कहा कि उनके अधिवक्ता लगातार सुनवाई में उपस्थित होकर कानूनी कार्रवाई में सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मामले की अगली तारीख 22 अक्टूबर है और वह अपने अधिवक्ता से इस संबंध में बातचीत कर रही हैं।
22 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
अब इस मामले में अदालत की अगली सुनवाई 22 अक्टूबर 2026 को होनी है। गैर-जमानती वारंट जारी होना अदालत की प्रक्रिया से जुड़ी कार्रवाई है, न कि आरोप सिद्ध होने का अंतिम फैसला। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और अदालत के आदेश पर नजर रहेगी।


