Monday, November 2, 2026
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वोट बचाओ रैली में अखिलेश का बड़ा बयान, 1.27 करोड़ के आंकड़े पर क्यों मचा विवाद?

यूपी में 1.27 करोड़ वोट घटने के दावे पर सियासी घमासान, दिल्ली की रैली में अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग को घेरा

नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच जारी विवाद रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित INDIA गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली में फिर चर्चा के केंद्र में रहा। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 1.27 करोड़ हिंदू वोट कम होने की बात सामने आई है। अखिलेश ने इस आंकड़े और इसके पीछे की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को निशाने पर लिया।

अखिलेश यादव ने उठाया 1.27 करोड़ वोटों का मुद्दा

रामलीला मैदान में सभा को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से बड़ी संख्या में वोट कम होने का मुद्दा सामने आया है। उनके भाषण में 1.27 करोड़ वोटों और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में औसतन करीब 31 हजार वोट कम होने का दावा किया गया।

सपा प्रमुख ने इस मुद्दे को हालिया MLC चुनावों से जोड़ते हुए भाजपा की ‘डबल इंजन’ सरकार पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि काशी की जनता ने MLC चुनाव में सरकार को ‘डबल जीरो’ दिया। अखिलेश ने 2022 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए भाजपा पर वोट चोरी के आरोप भी लगाए और कहा कि 2027 में उत्तर प्रदेश की जनता सत्ता परिवर्तन करेगी।

हालांकि, मतदाता सूची में नामों की कमी और कथित गड़बड़ियों को लेकर लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि तथा आधिकारिक आंकड़ों का मिलान अलग से किया जाना जरूरी है।

राहुल गांधी ने दुकानदारों के मुद्दे पर भाजपा को घेरा

रैली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली के व्यापारियों और दुकानदारों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि INDIA गठबंधन ने रैली में आने वाले लोगों से स्थानीय दुकानों से खरीदारी करने की अपील की थी, ताकि कारोबारियों को फायदा मिल सके।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि कनॉट प्लेस की ओर आते समय उन्हें दुकानें बंद दिखाई दीं और इसके लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि रैली के कारण दुकानदारों को नुकसान नहीं होना चाहिए। यह आरोप राहुल गांधी की ओर से लगाया गया था।

खरगे ने CEC ज्ञानेश कुमार पर साधा निशाना

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को दबाने के लिए किया जा रहा है। खरगे ने कहा कि विपक्ष लोकतांत्रिक संस्थाओं और मताधिकार से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज उठाता रहेगा।

INDIA गठबंधन की इस महारैली में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेता शामिल हुए। रैली से पहले विपक्षी नेताओं ने कनॉट प्लेस और मिंटो रोड के आसपास से रामलीला मैदान तक मार्च भी निकाला।

चुनाव आयोग और भाजपा का पक्ष भी अहम

SIR को लेकर विपक्ष का आरोप है कि प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन करने के लिए मृत, डुप्लीकेट, स्थानांतरित और अन्य अपात्र प्रविष्टियों की पहचान की जाती है। आयोग ने राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है। भाजपा ने भी विपक्ष के आरोपों पर सवाल उठाए हैं।

ऐसे में मतदाता सूची से जुड़े विवाद में सबसे अहम सवाल यही है कि कितने नाम हटाए गए, उनमें से कितने अपात्र थे और कितने पात्र मतदाताओं के नाम गलती से हटे। इन सवालों का जवाब आधिकारिक आंकड़ों और दावों की स्वतंत्र जांच से ही स्पष्ट हो सकेगा।

2027 से पहले उत्तर प्रदेश की सियासत में तेज हुई बहस

दिल्ली के रामलीला मैदान से अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की राजनीति को भी सीधे तौर पर मुद्दे के केंद्र में रखा। SIR, मतदाता सूची और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर INDIA गठबंधन का विरोध अब 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की सियासत में भी अहम बहस बनता दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर भाजपा, विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच बयानबाजी जारी रहने की संभावना है।

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