
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लगातार हुई बारिश के बाद कई जिलों में जनजीवन प्रभावित है। निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति बनी हुई है, जबकि कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई गई है। इसी बीच मुरादाबाद के कांठ इलाके में नलकूप की कोठरी की छत पर एक साथ तीन तेंदुए दिखाई देने का वीडियो सामने आया है।
चार दिन की बारिश के बाद बदले हालात
पिछले दिनों हुई लगातार बारिश का असर पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर तराई और पूर्वांचल तक देखने को मिला। कई जगह खेतों और निचले इलाकों में पानी भर गया, जिससे ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित हुई।
मुरादाबाद में भी लगातार बारिश के कारण रामगंगा, गांगन, कोसी, ढेला और फीका नदियों का जलस्तर बढ़ा है। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार दो दिनों में 180 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई। प्रशासन ने नदी किनारे और तराई क्षेत्र के गांवों में निगरानी बढ़ाई है।
कुशीनगर में गंडक का बढ़ा जलस्तर
कुशीनगर में गंडक यानी नारायणी नदी के बढ़ते जलस्तर से निचले इलाकों में बाढ़ का असर सामने आया है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक करीब 1,400 परिवार प्रभावित हुए हैं और लगभग 600 परिवारों को सुरक्षित स्थानों या तटबंध की ओर जाना पड़ा है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन और राहत टीमों की निगरानी जारी है। पानी के स्तर में बदलाव के साथ स्थिति भी लगातार बदल रही है।
मुरादाबाद में एक छत पर तीन तेंदुए
बारिश ने इंसानों के साथ वन्यजीवों की गतिविधियां भी बढ़ा दी हैं। मुरादाबाद के कांठ क्षेत्र के समदगढ़ उर्फ सिकंदराबाद गांव के पास एक नलकूप की कोठरी की छत पर शुक्रवार रात तीन तेंदुए एक साथ दिखाई दिए।
ग्रामीणों ने उनका वीडियो बनाकर वन विभाग को भेजा। रिपोर्ट के मुताबिक बारिश के कारण गन्ने के खेतों में पानी भरने के बाद तेंदुओं की आबादी के आसपास गतिविधियां बढ़ी हैं। क्षेत्र के 20 से अधिक गांवों में ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
वन विभाग ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई है। अधिकारियों के मुताबिक मौसम साफ होने के बाद इलाके में जांच और निगरानी की कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
बदायूं में पुरानी इमारत ढही
बदायूं में लगातार बारिश के बीच एक पुरानी दो मंजिला इमारत के गिरने की घटना सामने आई। जिले में करीब 30 घंटे की भारी बारिश से कई इलाकों में जलभराव हुआ और सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा।
अमरोहा समेत पश्चिमी यूपी के दूसरे जिलों में भी जर्जर मकानों और दीवारों को लेकर खतरा बढ़ा है। बारिश के बाद पुराने भवनों में रहने वाले लोगों के लिए प्रशासन की ओर से सावधानी बरतने की जरूरत बताई जा रही है।

नदियों के जलस्तर पर प्रशासन की नजर
बारिश के बाद प्रदेश की कई नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उपलब्ध ताजा रिपोर्टों में आठ नदियों के खतरे के निशान के ऊपर बहने की जानकारी सामने आई है। वहीं अलग-अलग जिलों में नदी का जलस्तर लगातार घट-बढ़ रहा है।
सीतापुर, गोंडा, कुशीनगर और अन्य जिलों के निचले इलाकों में जलभराव तथा संपर्क मार्ग प्रभावित होने की खबरें हैं। ऐसे में स्थानीय प्रशासन नदी किनारे और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है।

बारिश थमने से कुछ राहत के संकेत
लगातार बारिश के बाद सोमवार को यूपी के कई शहरों में मौसम में सुधार देखने को मिला। बदायूं के लिए मौसम विभाग के पूर्वानुमान में 29 सितंबर से मुख्य रूप से साफ मौसम और तापमान बढ़ने की संभावना दिखाई गई है।
इससे संकेत है कि बारिश का दौर कमजोर पड़ रहा है, हालांकि नदियों और जलभराव वाले क्षेत्रों में स्थिति तुरंत सामान्य होना जरूरी नहीं है। पानी उतरने में समय लग सकता है।
कानपुर समेत कई शहरों में निकली धूप
बारिश के बाद सोमवार को कानपुर समेत कई शहरों में मौसम साफ हुआ और धूप निकली। इससे लोगों को लगातार बारिश से राहत मिली, हालांकि धूप के साथ उमस बढ़ने की संभावना भी बनी हुई है।
मौसम साफ होने के बावजूद बाढ़ प्रभावित जिलों में लोगों को नदी, नाले और जलभराव वाले रास्तों के आसपास सावधानी बरतने की जरूरत है।

निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश का दौर कमजोर पड़ता दिख रहा है, लेकिन बाढ़ और जलभराव का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। कुशीनगर समेत कई इलाकों में प्रभावित परिवारों के सामने अभी राहत और सुरक्षित आवागमन की चुनौती है। वहीं मुरादाबाद में तीन तेंदुओं के एक साथ दिखाई देने की घटना ने ग्रामीण इलाकों में वन्यजीवों की बढ़ी गतिविधि को लेकर चिंता बढ़ा दी है।


