
स्वराज इंडिया ब्यूरो/ बलिया। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व कैबिनेट मंत्री और उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविन्द चौधरी का शुक्रवार रात लखनऊ के पीजीआई में निधन हो गया। वे 82 वर्ष के थे। लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के चलते उनका उपचार चल रहा था। निधन की खबर सामने आते ही बलिया समेत उत्तर प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
रामगोविन्द चौधरी बलिया की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहे। उन्होंने चिलकहर विधानसभा क्षेत्र से पांच बार और बांसडीह विधानसभा क्षेत्र से तीन बार चुनाव जीतकर कुल आठ बार विधानसभा का प्रतिनिधित्व किया। वर्ष 1977 में उन्होंने पहली बार चिलकहर सीट से विधानसभा चुनाव जीता था। बाद में वर्ष 2002, 2012 और 2017 में बांसडीह से विधायक निर्वाचित हुए।
छात्र राजनीति से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
रामगोविन्द चौधरी ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत छात्र राजनीति से की थी। वे बलिया के टीडी कॉलेज में छात्रसंघ की राजनीति में सक्रिय रहे और छात्रसंघ अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली। इसके बाद उन्होंने विधानसभा की राजनीति में प्रवेश किया और लगातार कई चुनावों में जीत दर्ज करते हुए प्रदेश की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई।
मुलायम और अखिलेश सरकार में संभाली मंत्री पद की जिम्मेदारी
रामगोविन्द चौधरी ने मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सरकारों में विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 1990 में वे उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री रहे। वर्ष 2003 में उन्होंने बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की जिम्मेदारी संभाली। अखिलेश यादव सरकार में वर्ष 2012 से 2017 के बीच वे बेसिक शिक्षा तथा बाल विकास एवं पुष्टाहार समेत कई विभागों के मंत्री रहे।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रहे
वर्ष 2017 में रामगोविन्द चौधरी उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बने और वर्ष 2022 तक इस पद पर रहे। इससे पहले वे समाजवादी राजनीति में संगठनात्मक जिम्मेदारियां भी संभाल चुके थे। उनकी लंबी राजनीतिक सक्रियता के दौरान बलिया के साथ प्रदेश की राजनीति में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
निधन की खबर से राजनीतिक गलियारों में शोक
रामगोविन्द चौधरी के निधन की खबर के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शोक व्यक्त किया। समाजवादी पार्टी के नेताओं और समर्थकों में भी शोक की लहर है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर उनके निधन पर दुख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि दी।
रामगोविन्द चौधरी के निधन को उत्तर प्रदेश की राजनीति में उनके लंबे सार्वजनिक जीवन के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक क्षति के रूप में देखा जा रहा है। बलिया में उनके समर्थकों और परिचितों के बीच भी शोक का माहौल है।


