Thursday, October 1, 2026
Homeदिल्ली2 अक्टूबर को ‘नो UPI डे’ का ऐलान, दुकानों के QR काले...

2 अक्टूबर को ‘नो UPI डे’ का ऐलान, दुकानों के QR काले कपड़े से स्कैनर ढकने की तैयारी

स्वराज इंडिया ब्यूरो/ 2 अक्टूबर को ‘नो UPI डे’ मनाने को लेकर देशभर में व्यापारिक संगठनों के बीच विरोध की घोषणा हुई थी। इसका कारण 15 अक्टूबर 2026 से 2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा UPI मर्चेंट पेमेंट पर 0.40 प्रतिशत MDR यानी Merchant Discount Rate लागू होना है। हालांकि, 30 सितंबर को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ बैठक के बाद प्रमुख कारोबारी संगठनों ने 2 अक्टूबर के विरोध का आह्वान वापस ले लिया।पहले घोषित कार्यक्रम के तहत कुछ व्यापारिक संगठनों ने 2 अक्टूबर को दुकानों के QR कोड, UPI स्कैनर और साउंड बॉक्स को काले कपड़े से ढकने तथा डिजिटल पेमेंट स्वीकार नहीं करने की बात कही थी। इस विरोध का उद्देश्य नए MDR को लेकर व्यापारियों की चिंताओं को सामने रखना था।

15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के पात्र Person-to-Merchant UPI लेनदेन पर 0.40 प्रतिशत MDR लागू होगा। यह शुल्क ग्राहक के बजाय संबंधित व्यापारी पर लगेगा। 75,000 रुपये या उससे अधिक के लेनदेन पर MDR की अधिकतम सीमा 300 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन तय की गई है।मिसाल के तौर पर 10,000 रुपये के पात्र UPI मर्चेंट पेमेंट पर 0.40 प्रतिशत के हिसाब से 40 रुपये MDR बनता है। 2,000 रुपये तक के भुगतान पर यह MDR लागू नहीं होगा।
व्यक्ति से व्यक्ति यानी P2P UPI ट्रांजैक्शन भी इस शुल्क के दायरे में नहीं हैं।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि MDR व्यापारियों से लिया जाएगा और इसे ग्राहकों पर डालने से रोकने के लिए बैंकों को निर्देश दिए गए हैं। सरकार के अनुसार रोजमर्रा के अधिकांश छोटे UPI भुगतान इस शुल्क से प्रभावित नहीं होंगे। वहीं, MDR को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी मामला पहुंचा है। 28 सितंबर को अदालत ने इस व्यवस्था पर तत्काल रोक लगाने से इनकार किया था। फिलहाल 15 अक्टूबर से MDR लागू होने की व्यवस्था बनी हुई है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments

error: Content is protected !!