Tuesday, September 1, 2026
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मायावती ने उमाशंकर सिंह के बेटे युकेश को सियासी मैदान में उतारा

BSP की लखनऊ बैठक में पहली बार दिखे युकेश सिंह, पिता की रसड़ा सीट से 2027 चुनाव लड़ने की अटकलें तेज

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने सोमवार को लखनऊ में हुई बड़ी बैठक के जरिए दिवंगत विधायक उमाशंकर सिंह के बेटे प्रिंस युकेश सिंह को पहली बार सार्वजनिक तौर पर सियासी मंच पर आगे बढ़ाया। बैठक में युकेश सबसे आगे बैठे नजर आए। इसके बाद उनके सक्रिय राजनीति में आने और बलिया की रसड़ा विधानसभा सीट से 2027 का चुनाव लड़ने की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

पहली बार बसपा के बड़े सियासी कार्यक्रम में दिखे युकेश

बसपा की प्रदेश इकाई की बैठक में यूपी के सभी 75 जिलों से जिलाध्यक्ष, मंडल कोऑर्डिनेटर और घोषित विधानसभा प्रभारियों समेत 600 से अधिक पदाधिकारी और कार्यकर्ता पहुंचे। इसी बैठक में उमाशंकर सिंह के बेटे युकेश की मौजूदगी को पार्टी की संभावित राजनीतिक लॉन्चिंग के तौर पर देखा जा रहा है।

उमाशंकर सिंह का 5 अगस्त को निधन हुआ था। वह बलिया की रसड़ा सीट से तीन बार विधायक रहे और यूपी विधानसभा में बसपा के इकलौते विधायक थे।

मायावती पहले ही दे चुकी थीं संकेत

उमाशंकर सिंह के निधन के बाद मायावती ने कहा था कि वह उन्हें अपनी सगी बहन की तरह मानते थे और पार्टी के प्रति हमेशा वफादार रहे। मायावती ने परिवार की इच्छा होने पर उनके बेटे को राजनीति में आगे बढ़ाने और उन्हें वही सम्मान दिलाने की बात भी कही थी।

इसी के बाद से युकेश को उमाशंकर सिंह की राजनीतिक विरासत के संभावित उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जा रहा था।

कारोबार संभालते हैं युकेश

प्रिंस युकेश सिंह अपने पिता की कंपनी CS इंफ्राकंस्ट्रक्शन लिमिटेड में CEO हैं। अब तक वह सक्रिय राजनीति से दूर रहे हैं। उनके पहली बार किसी बड़े बसपा राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होने से 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।

बैठक में 2027 की रणनीति पर मंथन

मायावती की अध्यक्षता में हुई बैठक में विधानसभा चुनाव की तैयारियों, संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और संभावित प्रत्याशियों के चयन पर चर्चा हुई। पिछली बैठकों में दिए गए निर्देशों की समीक्षा भी की गई।

सूत्रों के मुताबिक कुछ पदाधिकारियों ने कमजोर सीटों पर मजबूत प्रत्याशियों की कमी का मुद्दा उठाया। मायावती ने फिलहाल उपलब्ध विकल्पों में सबसे बेहतर उम्मीदवार का नाम तय करने और बाद में बेहतर विकल्प मिलने पर टिकट बदलने की बात कही।

महिलाओं और युवाओं के मुद्दे पर सरकार को घेरा

मायावती ने भाजपा सरकार पर चुनावी योजनाओं के जरिए महिलाओं को प्रभावित करने का आरोप लगाया और इन्हें चुनावी ‘रेवड़ियां’ बांटने की राजनीति बताया।

उन्होंने जेन जी और जेन अल्फा के प्रदर्शनों को सरकारों की कथित वादाखिलाफी का नतीजा बताया। साथ ही महंगाई, बेरोजगारी, गरीबी और पलायन के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा।

आकाश आनंद बैठक में नहीं रहे मौजूद

यूपी पर केंद्रित इस बैठक में मायावती के भतीजे आकाश आनंद मौजूद नहीं रहे। बताया गया कि बसपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक 3 सितंबर को होनी है और उसमें आकाश आनंद के शामिल होने की उम्मीद है।

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