
गाजियाबाद में पति पर हमले का सनसनीखेज मामला पत्नी प्रिया शर्मा और जिम ट्रेनर प्रताप सिंह गिरफ्तार
स्वराज इंडिया ब्यूरो/गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में पति पर जानलेवा हमले के मामले ने इलाके में सनसनी फैला दी है। वसुंधरा सेक्टर-1 स्थित एक आवासीय सोसाइटी में डाक विभाग के सीनियर अकाउंटेंट शशांक कंठारिया पर घर में हमला किया गया। पुलिस ने मामले की जांच के बाद उनकी पत्नी प्रिया शर्मा और जिम ट्रेनर प्रताप सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस को आशंका है कि इस घटना के पीछे कथित व्यक्तिगत संबंध और आपसी विवाद की भूमिका हो सकती है।
घर में घुसकर हमले का आरोप
पुलिस के अनुसार, घटना 26 अक्टूबर की सुबह करीब 5:15 बजे की है। शशांक अपने घर में थे, तभी प्रताप सिंह के घर में दाखिल होकर उन पर हमला करने का आरोप है। शशांक गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें उपचार के लिए यशोदा मेडिसिटी अस्पताल पहुंचाया गया।
घटना की सूचना मिलने के बाद इंदिरापुरम थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली, ताकि घटना से पहले और बाद की गतिविधियों का पता लगाया जा सके।
पत्नी और जिम ट्रेनर के संबंधों की जांच
पुलिस की शुरुआती जांच में प्रिया शर्मा और प्रताप सिंह के बीच कथित नजदीकियों की बात सामने आई है। प्रताप सिंह वसुंधरा स्थित एक जिम में ट्रेनर के तौर पर काम करता था। पुलिस के मुताबिक, शशांक को दोनों के संबंधों की जानकारी होने और इसके बाद घर बदलने की तैयारी किए जाने की बात भी जांच में सामने आई है।
जांच एजेंसियों का आरोप है कि घटना से पहले दोनों के बीच बातचीत हुई थी और हमले की योजना बनाई गई थी। पुलिस इस दावे की पुष्टि के लिए संबंधित बयानों और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
दरवाजा खुला छोड़ने के आरोप की भी जांच
पुलिस के अनुसार, घटना के समय घर का मुख्य दरवाजा ठीक से बंद नहीं था। आरोप है कि प्रिया शर्मा के घर से निकलने के कुछ देर बाद प्रताप सिंह वहां पहुंचा। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि हमलावर घर में कैसे दाखिल हुआ और घटना में किसकी क्या भूमिका रही।
दोनों आरोपी गिरफ्तार
मामले में शशांक के परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की। प्रिया शर्मा और प्रताप सिंह को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने कथित तौर पर घटना में इस्तेमाल किए गए चाकू को भी बरामद करने की जानकारी दी है। मामले में हत्या के प्रयास और कथित आपराधिक साजिश समेत संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत जांच की जा रही है।
पुलिस जांच पर टिकी नजर
यह मामला अब पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। पुलिस दोनों आरोपियों की भूमिका, घटना से पहले हुई बातचीत और उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही होगी।
फिलहाल इस मामले में सबसे अहम सवाल यही हैं कि हमले की योजना कैसे बनी, घटना से पहले क्या बातचीत हुई और जांच में सामने आए आरोपों की पुष्टि किन साक्ष्यों से होती है।


