
स्वराज इंडिया ब्यूरो/गोरखपुर, 12 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली में कांग्रेस और INDIA गठबंधन के विरोध-प्रदर्शन को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस पर राजनीतिक विफलताओं को छिपाने के लिए अराजकता का माहौल बनाने और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि यदि पार्टी ने अपना रवैया नहीं बदला, तो जनता के बीच उसकी बची हुई राजनीतिक जमीन भी खिसक सकती है।
कांग्रेस पर योगी का सीधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखनाथ मंदिर में मीडिया से बातचीत के दौरान कांग्रेस के राजनीतिक रवैये पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पार्टी को अपनी लगातार चुनावी चुनौतियों और जनता के बीच घटते समर्थन पर आत्ममंथन करना चाहिए। योगी के मुताबिक, राजनीतिक असफलताओं से सबक लेने के बजाय कांग्रेस विरोध-प्रदर्शनों के जरिए व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर रही है।
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी 1985 के बाद से राज्य की सत्ता में वापसी नहीं कर सकी है। उन्होंने दावा किया कि देश के कई अन्य राज्यों में भी कांग्रेस को जनता ने नकारा है।
चुनाव में जीत का श्रेय खुद को, हार पर EVM और आयोग पर सवाल?
योगी आदित्यनाथ ने चुनावी नतीजों को लेकर विपक्ष के रुख की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव जीतने पर राजनीतिक दल अपनी रणनीति और नेतृत्व को जीत का श्रेय देते हैं, लेकिन हारने पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और चुनाव आयोग पर सवाल उठाने लगते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनावी परिणामों और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह चुनावी हार की समीक्षा करने के बजाय संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाकर राजनीतिक विवाद को बढ़ा रही है।
दिल्ली प्रदर्शन से आम लोगों को परेशानी का मुद्दा भी उठाया
दिल्ली में विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन के बीच मुख्यमंत्री ने आम नागरिकों को होने वाली परेशानियों पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि लोकतंत्र में विरोध और असहमति का अधिकार महत्वपूर्ण है, लेकिन प्रदर्शन के दौरान आम जनजीवन प्रभावित नहीं होना चाहिए।
दिल्ली में विपक्षी दलों का विरोध मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े विवाद के बीच हुआ। विपक्ष ने मतदाता सूची में नामों के संशोधन को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि सत्तापक्ष की ओर से विपक्ष के आरोपों और उसके आंदोलन के तरीके की आलोचना की जा रही है।
संवैधानिक संस्थाओं को लेकर भी कांग्रेस को घेरा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस नेतृत्व से अपने राजनीतिक आचरण पर विचार करने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार सवाल उठाने और राजनीतिक अस्थिरता का माहौल बनाने से लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति जनता का भरोसा प्रभावित हो सकता है।
योगी ने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस इसी तरह का रवैया जारी रखती है, तो उसे राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। उनके बयान से स्पष्ट है कि मतदाता सूची, चुनाव आयोग और विपक्ष के आंदोलन को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है।
सियासी संदेश क्या है?
योगी आदित्यनाथ का यह बयान ऐसे समय आया है, जब मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस तेज है। बीजेपी जहां विपक्ष के विरोध को राजनीतिक हताशा से जोड़ रही है, वहीं विपक्ष चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहा है।
अब देखना होगा कि इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी आगे क्या मोड़ लेती है और मतदाता सूची से जुड़े विवाद पर संबंधित संस्थाओं की प्रक्रिया क्या रहती है।


