
स्वराज इंडिया ब्यूरो/ चंदौली, 12 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश में कोडीनयुक्त कफ सिरप के कथित अवैध कारोबार से जुड़े मामले में पुलिस और जांच एजेंसियों की कार्रवाई तेज होती दिखाई दे रही है। चंदौली के मुगलसराय क्षेत्र में अदालत के आदेश पर फरार आरोपियों के आवासों पर कुर्की की उद्घोषणा से संबंधित नोटिस चस्पा किए गए हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की ओर से मामले में नया आरोपपत्र दाखिल किए जाने की खबर भी सामने आई है।
मुगलसराय में चार आरोपियों के ठिकानों पर कार्रवाई
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, मुगलसराय कोतवाली में दर्ज दो मुकदमों के सिलसिले में पुलिस ने वाराणसी स्थित चार आरोपियों के घरों पर नोटिस चस्पा कराए। यह कार्रवाई अदालत के आदेश के तहत की गई। पुलिस ने सार्वजनिक उद्घोषणा के जरिए भी आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया की जानकारी दी।
दोनों मुकदमे कोडीनयुक्त कफ सिरप के कथित अवैध कारोबार से संबंधित बताए गए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई का उद्देश्य फरार आरोपियों के खिलाफ न्यायालय की ओर से निर्धारित प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है। निर्धारित समय में कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं होने पर अदालत के आदेशानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
शुभम जायसवाल का नाम भी जांच के दायरे में
इस मामले में शुभम जायसवाल का नाम पहले से जांच एजेंसियों की कार्रवाई और आरोपपत्रों में सामने आता रहा है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि कोडीनयुक्त कफ सिरप की खरीद-बिक्री और वितरण से जुड़ा नेटवर्क कई फर्मों के जरिए संचालित किया गया।
हालांकि, चंदौली में नोटिस चस्पा किए गए सभी लोगों के नामों को लेकर मीडिया रिपोर्टों में अंतर दिखाई देता है। इसलिए प्रत्येक आरोपी की पहचान और उसके खिलाफ हुई विशिष्ट कार्रवाई की पुष्टि आधिकारिक पुलिस या न्यायालयी दस्तावेजों से किया जाना जरूरी है।
STF ने दाखिल किया नया आरोपपत्र
11 अक्टूबर को प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने कथित कोडीन सिरप नेटवर्क की जांच में चौथा आरोपपत्र दाखिल किया। यह आरोपपत्र लगभग 38 हजार पन्नों का बताया गया है। रिपोर्टों में शुभम जायसवाल के अलावा गौरव जायसवाल और दो अन्य लोगों के नाम भी नए आरोपपत्र से जोड़े गए हैं।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, मामले में कथित तौर पर कई फर्मों और आपूर्ति श्रृंखलाओं के जरिए कारोबार किए जाने की जांच की गई है। अधिकारियों की जांच में वित्तीय लेन-देन और सिरप की आपूर्ति से जुड़े पहलुओं की पड़ताल भी शामिल बताई गई है।
आरोपपत्र में नाम शामिल होना अभियोजन पक्ष के आरोपों को दर्शाता है। संबंधित व्यक्तियों का दोष अदालत में साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर ही तय होगा।
आगे क्या होगी कार्रवाई?
चंदौली में नोटिस चस्पा किए जाने और एसटीएफ की ओर से आरोपपत्र दाखिल किए जाने के बाद अब मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। फरार बताए जा रहे आरोपियों की उपस्थिति, अदालत के आदेशों का अनुपालन और जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी।
कोडीनयुक्त कफ सिरप के कथित अवैध कारोबार से जुड़े इस मामले में पुलिस और जांच एजेंसियों की कार्रवाई जारी है। आगे की स्थिति संबंधित अदालतों के आदेशों और आधिकारिक बयानों से स्पष्ट होगी।


