
प्रयागराज/गया। उमेश पाल हत्याकांड में वांछित और पांच लाख रुपये के इनामी आरोपी मोहम्मद अरमान के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। करीब तीन साल से यूपी पुलिस जिसकी तलाश कर रही थी, वह बिहार की गया सेंट्रल जेल में बंद मिला है। प्रयागराज पुलिस ने जेल पहुंचकर उसकी पहचान की और अब उसे उमेश पाल हत्याकांड की जांच के सिलसिले में प्रयागराज लाने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
गया सेंट्रल जेल में बंद मिला अरमान
रिपोर्टों के मुताबिक अरमान मूल रूप से गया का रहने वाला है। उमेश पाल हत्याकांड के बाद वह गया पहुंचा था। उसके खिलाफ गया में वर्ष 2022 के एक फायरिंग मामले में भी केस दर्ज था। इसी मामले में उसने अदालत में आत्मसमर्पण किया था, जिसके बाद उसे गया सेंट्रल जेल भेज दिया गया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार वह 27 फरवरी 2023 से गया जेल में बंद है।
उधर प्रयागराज पुलिस उमेश पाल हत्याकांड में उसकी तलाश कर रही थी और उस पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था। गया जेल में उसके बंद होने की जानकारी मिलने के बाद प्रयागराज के धूमनगंज थाने की पुलिस टीम 30 सितंबर को गया पहुंची।
पुलिस ने जेल पहुंचकर की पहचान
यूपी पुलिस की टीम ने गया सेंट्रल जेल में अरमान की पहचान से जुड़ी प्रक्रिया पूरी की। रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस ने उसकी तस्वीर और अंगूठे के निशान लिए तथा आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी की। इसके बाद उसे उत्तर प्रदेश लाने के लिए गया की अदालत में ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया शुरू की गई।
फिलहाल अरमान को प्रयागराज लाकर पूछताछ किए जाने की पुलिस की तैयारी है। ट्रांजिट रिमांड से जुड़ी अदालत की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
उमेश पाल हत्याकांड में क्या है आरोप
24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में अधिवक्ता उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनरों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद सामने आए सीसीटीवी फुटेज में एक बाइक पर सवार संदिग्ध नजर आए थे। पुलिस के अनुसार उस बाइक को अरमान चला रहा था और उसके पीछे गुड्डू मुस्लिम बैठा था। इसी आधार पर जांच में अरमान का नाम हत्याकांड से जोड़ा गया और वह यूपी पुलिस की वांछित सूची में शामिल हुआ।
परिवार ने जताई सुरक्षा की चिंता
अरमान के गया जेल में होने की जानकारी सामने आने के बाद उसके माता-पिता ने उसकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। पिता शमीम और मां असगरी खातून ने गया की अदालत में आवेदन देकर बेटे की सुरक्षा की मांग की।
परिवार का दावा है कि अरमान को उमेश पाल हत्याकांड में गलत तरीके से फंसाया गया है। उन्होंने यूपी पुलिस की हिरासत में उसे सौंपे जाने पर अनहोनी की आशंका भी जताई है। परिवार के इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
वकील ने लगाए गंभीर आरोप
अरमान के अधिवक्ता ललित कुमार गुप्ता ने भी उसकी सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं। वकील ने आरोप लगाया है कि यूपी पुलिस और जेल प्रशासन की मिलीभगत से अरमान को नुकसान पहुंचाने की साजिश हो सकती है। उन्होंने सुरक्षा को लेकर आगे उच्च न्यायालय का रुख करने की बात कही है।
इन आरोपों पर संबंधित पुलिस या जेल प्रशासन की ओर से ऐसी किसी साजिश की पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं हुई है। इसलिए इन्हें फिलहाल परिवार और बचाव पक्ष के आरोप के रूप में ही देखा जा रहा है।
अब ट्रांजिट रिमांड पर नजर
अरमान के गया सेंट्रल जेल में मिलने के बाद उमेश पाल हत्याकांड की जांच में यह नया घटनाक्रम सामने आया है। यूपी पुलिस अब उसे प्रयागराज लाकर मामले से जुड़े तथ्यों पर पूछताछ करना चाहती है। आगे की कार्रवाई अदालत की अनुमति और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होगी।
इस मामले में अरमान के खिलाफ लगे आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के जरिए ही होगा।


