
स्वराज इंडिया ब्यूरो आगरा/दुबई। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने श्रीलंका को 72 रन से हराकर 2026 महिला एशिया कप का खिताब रिकॉर्ड आठवीं बार अपने नाम कर लिया। दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए फाइनल में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 183 रन बनाए और जवाब में श्रीलंका की टीम 111 रन पर सिमट गई।
इस ऐतिहासिक जीत में आगरा की बेटी दीप्ति शर्मा ने गेंद से शानदार प्रदर्शन किया। दीप्ति ने फाइनल में 4 ओवर में 19 रन देकर 3 विकेट हासिल किए। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने 5 मैचों में कुल 14 विकेट लिए और सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज रहीं। उनकी इकॉनमी करीब 3.84 रही।
मां सुशीला शर्मा बोलीं, बेटियों ने शानदार प्रदर्शन किया
भारत की जीत के बाद आगरा में दीप्ति शर्मा के परिवार और आसपास के लोगों में खुशी का माहौल रहा। परिवार ने जीत की खुशी में मिठाई बांटी और एक-दूसरे को बधाई दी।
दीप्ति की मां सुशीला शर्मा ने टीम की जीत पर खुशी जताते हुए कहा कि भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। परिवार की ओर से पाकिस्तान के प्रतिनिधि से ट्रॉफी या गिफ्ट स्वीकार न करने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इस बयान की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध स्रोतों से नहीं हो सकी है।
भारतीय टीम ने फाइनल के बाद एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष और पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार किया। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया के मुताबिक, बोर्ड ने पहले ही अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी थी और टीम ने प्रस्तुति समारोह में हिस्सा नहीं लिया।
फाइनल में शेफाली और स्मृति ने रखी जीत की नींव
भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने पहले विकेट के लिए 129 रन की शानदार साझेदारी की। शेफाली ने 68 रन और स्मृति ने 59 रन बनाए, जिसके दम पर भारत ने 20 ओवर में 5 विकेट पर 183 रन बनाए।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की पूरी टीम 111 रन पर आउट हो गई। भारत की ओर से श्री चरणी ने 4 विकेट और दीप्ति शर्मा ने 3 विकेट लेकर श्रीलंका की पारी को समेटने में अहम भूमिका निभाई।
पूरे टूर्नामेंट में दीप्ति का दबदबा
दीप्ति शर्मा ने इस एशिया कप में लगातार प्रभावशाली गेंदबाजी की। टूर्नामेंट में उनके नाम 14 विकेट रहे, जबकि श्री चरणी और श्रीलंका की चमारी अटापट्टू 12-12 विकेट के साथ उनके बाद रहीं।
फाइनल में 3 विकेट लेने के साथ दीप्ति ने एक बार फिर साबित किया कि वह भारतीय टीम के गेंदबाजी आक्रमण की अहम कड़ी हैं।
भाई को देखकर शुरू हुआ क्रिकेट का सफर
दीप्ति शर्मा के क्रिकेट करियर में उनके बड़े भाई सुमित शर्मा की अहम भूमिका रही है। सुमित खुद क्रिकेट खेलते थे और स्टेडियम में अभ्यास करने जाते थे। उन्हें देखकर दीप्ति की भी क्रिकेट में रुचि बढ़ी और वह उनके साथ स्टेडियम जाने लगीं।
आगरा में अभ्यास के दौरान उनकी प्रतिभा पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर और चयनकर्ता हेमलता काला की नजर पड़ी। इसके बाद दीप्ति को आगे बढ़ने का मौका मिला और उन्होंने भारतीय क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई।
दीप्ति को यूपी सरकार ने दिया DSP पद और 3 करोड़ रुपये का सम्मान
दीप्ति शर्मा को उत्तर प्रदेश सरकार ने 2024 में डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस यानी DSP के पद से सम्मानित किया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें 3 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि भी प्रदान की थी।
दीप्ति इससे पहले 2023 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय महिला क्रिकेट टीम के साथ रजत पदक जीत चुकी हैं। उनके शानदार प्रदर्शन ने आगरा से लेकर पूरे उत्तर प्रदेश में उनके प्रशंसकों का उत्साह बढ़ाया है।
आगरा से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक दीप्ति का सफर
दीप्ति शर्मा का सफर मेहनत, परिवार के सहयोग और लगातार बेहतर प्रदर्शन की कहानी है। आज वह भारतीय महिला क्रिकेट टीम की प्रमुख ऑलराउंडर्स में शामिल हैं और आगरा की नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनी हुई हैं।
2026 महिला एशिया कप में 14 विकेट लेकर टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों में शीर्ष पर रहना उनके शानदार प्रदर्शन का नया अध्याय है। भारत की रिकॉर्ड आठवीं एशिया कप जीत ने इस उपलब्धि को और खास बना दिया है।


