Tuesday, September 15, 2026
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कानपुर में पट्टे को लेकर सपा विधायक का धरना, पुलिस पर युवक की पिटाई का आरोप; ACP बोले- पूछताछ जारी, मारपीट नहीं हुई

सिरकी मोहाल चौकी के बाहर अमिताभ बाजपेई ने कंधे पर पट्टा रखकर जताया विरोध, चोरी के मामले में युवक से पूछताछ पर उठाए सवाल

कानपुर। कानपुर के फीलखाना थाना क्षेत्र में सोमवार को उस समय मामला गरमा गया, जब आर्यनगर से समाजवादी पार्टी के विधायक अमिताभ बाजपेई सिरकी मोहाल चौकी के बाहर धरने पर बैठ गए। विधायक ने आरोप लगाया कि चोरी के मामले में पूछताछ के लिए चौकी लाए गए युवक अमन अग्रवाल के साथ पुलिस ने मारपीट की और उसे पट्टे से पीटा गया।

विधायक ने युवक का मेडिकल कराने और कथित मारपीट के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। विरोध जताते हुए अमिताभ बाजपेई ने अपने कंधे पर पट्टा रखकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। यह दृश्य सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया।

चोरी की जांच में कुछ लोगों को पूछताछ के लिए लाया गया

पुलिस के मुताबिक इलाके में करीब 3 किलो चांदी और कुछ नकदी की चोरी की सूचना मिली थी। इसी मामले की जांच के दौरान कुछ लोगों को पूछताछ के लिए चौकी लाया गया था।

पुलिस पक्ष का कहना है कि संदिग्धों से लगातार पूछताछ की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। पुलिस ने किसी व्यक्ति के साथ मारपीट किए जाने के आरोप से इनकार किया है।

मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को भी दी गई है।

विधायक बोले- युवक को पट्टे से पीटने का आरोप

अमिताभ बाजपेई का कहना है कि अमन को रात में पूछताछ के लिए चौकी लाया गया और उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। विधायक ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

धरने के दौरान विधायक ने पट्टा दिखाते हुए सवाल उठाया कि अगर युवक से सिर्फ पूछताछ की जा रही थी, तो उसके साथ मारपीट क्यों की गई।

अमन ने क्या आरोप लगाए?

पीड़ित बताए जा रहे अमन अग्रवाल की ओर से दावा किया गया है कि सीसीटीवी फुटेज में वह घटनास्थल के आसपास दिखाई दिए थे। उनके मुताबिक वह घायल कुत्ते के इलाज के सिलसिले में वहां गए थे और इसी आधार पर पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए पकड़ लिया।

अमन की ओर से पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

पुलिस और विधायक के दावों में अंतर

इस पूरे मामले में फिलहाल दो अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।

विधायक और युवक का पक्ष: पूछताछ के दौरान मारपीट किए जाने का आरोप और संबंधित पुलिसकर्मी पर कार्रवाई की मांग।

पुलिस का पक्ष: चोरी की जांच में संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है, लेकिन किसी व्यक्ति के साथ मारपीट नहीं की गई।

ऐसे में मेडिकल रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और पुलिस जांच से यह स्पष्ट होना बाकी है कि चौकी में वास्तव में क्या हुआ था।

चौकी से युवक के छूटने के बाद सियासी तकरार का दावा

बाद में युवक के चौकी से बाहर आने के दौरान राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच श्रेय लेने को लेकर कहासुनी होने का भी दावा किया गया है। आपके उपलब्ध इनपुट के अनुसार बीजेपी और सपा से जुड़े कुछ नेता एवं पार्षद मौके पर पहुंचे थे और दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक हुई।

पुलिस के हस्तक्षेप के बाद स्थिति को शांत कराया गया। हालांकि, इस हिस्से की स्वतंत्र पुष्टि मुझे उपलब्ध विश्वसनीय प्रकाशित रिपोर्ट में नहीं मिली है।

जांच और कार्रवाई पर टिकी नजर

फिलहाल पूरे विवाद का केंद्र पुलिस हिरासत/पूछताछ के दौरान कथित मारपीट का आरोप है। विधायक ने दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, जबकि पुलिस चोरी के मामले की जांच जारी होने की बात कह रही है।

अब मेडिकल रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और जांच में सामने आने वाले तथ्यों से यह साफ होगा कि अमन के आरोपों में कितनी सच्चाई है और पुलिसकर्मियों की भूमिका क्या रही।

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