Monday, September 14, 2026
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कानपुर में BJP का बड़ा संगठन मंथन, 200 से ज्यादा मंडल अध्यक्षों को बीएल संतोष का बूथ मंत्र

कानपुर में BJP का बड़ा संगठन मंथन, 200 से ज्यादा मंडल अध्यक्षों को बीएल संतोष का बूथ मंत्र

स्वराज इंडिया ब्यूरो/ कानपुर। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। इसी क्रम में कानपुर में रविवार को भाजपा के 200 से अधिक मंडल अध्यक्षों की बैठक आयोजित हुई। बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष ने संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा की और पदाधिकारियों से जमीनी स्थिति की जानकारी ली।

बैठक में बीएल संतोष ने स्पष्ट संदेश दिया कि पार्टी संगठन की असली ताकत बूथ स्तर का कार्यकर्ता है। उन्होंने कहा कि संगठन की गतिविधियां केवल बैठकों और कागजी रिपोर्ट तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनका असर और सक्रियता बूथ स्तर पर दिखाई देनी चाहिए।

मंडल और शक्ति केंद्रों पर नियमित प्रवास के निर्देश

बीएल संतोष ने जिला पदाधिकारियों को अपने-अपने मंडलों में और मंडल पदाधिकारियों को शक्ति केंद्रों पर नियमित संगठनात्मक प्रवास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद करने, उनकी समस्याओं को समझने और संगठन की गतिविधियों की वास्तविक स्थिति का फीडबैक लेने पर जोर दिया।

पार्टी नेतृत्व की ओर से यह भी संदेश दिया गया कि संगठनात्मक पदाधिकारी अपने निर्धारित क्षेत्रों में सक्रिय रहें और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से लगातार संपर्क बनाए रखें। भाजपा के मुताबिक, इस तरह की बैठकों का उद्देश्य संगठन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय के साथ चुनावी तैयारियों को मजबूत करना है।

2027 चुनाव से पहले संगठन को धार देने की तैयारी

बीएल संतोष का कानपुर दौरा ऐसे समय हुआ है जब भाजपा उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को तेज कर रही है। उनके दो दिवसीय यूपी दौरे में लखनऊ के बाद कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के संगठन की समीक्षा की गई। 12 और 13 सितंबर की बैठकों में मंडल, शक्ति केंद्र और बूथ स्तर के पदाधिकारियों के साथ संवाद को प्राथमिकता दी गई।

कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के आठ जिलों के सांसदों, विधायकों, विधान परिषद सदस्यों, जिलाध्यक्षों और जिला प्रभारियों के साथ भी संगठनात्मक तैयारियों पर चर्चा हुई। भाजपा की ओर से इसे आगामी विधानसभा चुनाव के लिए जमीनी संगठन को मजबूत करने की कवायद बताया गया है।

17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान

बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान–जनसेवा ही प्रभु सेवा’ को बूथ स्तर तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया। पार्टी के अनुसार अभियान में सेवा, सुशासन और अंत्योदय से जुड़े कार्यक्रमों को संगठन की विभिन्न इकाइयों के माध्यम से संचालित किया जाएगा।

भाजपा ने इस अभियान को बूथ से जिला स्तर तक चलाने की तैयारी की है। कार्यकर्ताओं से अलग-अलग सामाजिक वर्गों के बीच संपर्क बढ़ाने और सेवा गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की अपेक्षा की गई है।

‘संगठन का काम बूथ तक दिखना चाहिए’

बीएल संतोष के संदेश का मुख्य फोकस यही रहा कि पार्टी का संगठनात्मक ढांचा केवल पदाधिकारियों और बैठकों तक सीमित न रहे। मंडल, शक्ति केंद्र और बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता ही संगठन की वास्तविक ताकत बने।

2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की यह रणनीति संगठनात्मक नेटवर्क को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद बढ़ाने और पार्टी के अभियानों को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर केंद्रित नजर आ रही है।

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