
स्वराज इंडिया ब्यूरो/लखनऊ। करोड़पति कारोबारी शिवा शर्मा हत्याकांड की जांच को धीरे धीरे दिशा मिलने लगी है. इस मामले में जेल में बंद श्रद्धा दुबे ने पुलिस को भले ही कोई ठोस सुराग नहीं दिया, लेकिन उसकी मेड ने पुलिस को आंखों देखा हाल सुनाया है. मेड ने बताया कि वारदात के वक्त कमरे में सभी लोग मौजूद थे. उस समय श्रद्धा दुबे शिवा शर्मा को बुरी तरह टॉर्चर कर रही थी. मेड के मुताबिक श्रद्धा के टॉर्चर से तंग आकर शिवा शर्मा ने छलांग लगाई.
मेड ने क्या बताया पुलिस को
शनिवार को लखनऊ पुलिस ने श्रद्धा के मेड से करीब दो घंटे तक पूछताछ की. घटना के हरेक एंगल पर उससे जानकारी लेने की कोशिश की गई. हालांकि मेड ने बताया कि घटना के वक्त वह कमरे में नहीं थी. वह किचन में काम कर रही थी. उस समय कमरे में श्रद्धा दुबे और शिवा शर्मा के अलावा श्रद्धा की बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश मौजूद थे. मेड के मुताबिक उस समय शिवा शर्मा और श्रद्धा के बीच जोर का झगड़ा चल रहा था.मेड ने बताया कि 9 अक्टूबर की शाम वह घर में काम कर रही थी. उस समय कमरे में शिवा और श्रद्धा के बीच झगड़ा हो रहा था. श्रद्धा शिवा के ऊपर चीख रही थी, उसे टॉर्चर कर रही थी. मेड के मुताबिक यह सबकुछ उसने खुद तो नहीं देखा, लेकिन कमरे में हो रहे शोर की आवाज वह साफ-साफ सुन रही थी. उसने बताया कि इसके बाद वहां कमरे में क्या हुआ, इसकी उसे कोई जानकारी नहीं है.
पुलिस ने कई लोगों के बयान दर्ज किए
शिवा शर्मा की मौत की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए पुलिस घरेलू सहायिका के अलावा अन्य संबंधित लोगों से भी पूछताछ कर चुकी है। जांच में यह समझने की कोशिश की जा रही है कि घटना के समय कौन कहां मौजूद था, विवाद कब हुआ और घटना के बाद क्या गतिविधियां हुईं। पुलिस ने आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ भी की थी। जांच के दौरान बरामद मोबाइल फोन और अन्य सामग्री को फॉरेंसिक परीक्षण के लिए भेजे जाने की जानकारी भी सामने आई है। इन साक्ष्यों की जांच से घटनाक्रम की पुष्टि करने में मदद मिल सकती है।
हत्या या आत्महत्या, अभी बाकी हैं अहम सवाल
शिवा शर्मा की मौत के बाद उनके परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। दूसरी ओर, श्रद्धा दुबे ने पहले सार्वजनिक रूप से दावा किया था कि शिवा की मौत आत्महत्या से हुई। दोनों पक्षों के दावों के बीच पुलिस मौत की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है।
ऐसे में केवल बहस होने की जानकारी के आधार पर मौत की वजह तय नहीं की जा सकती। घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य, फॉरेंसिक रिपोर्ट और गवाहों के बयान इस मामले में अहम होंगे।
31 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत
श्रद्धा दुबे, उनकी बहन रश्मि दुबे और चालक तनवीर अली उर्फ दानिश को अदालत ने 31 अक्टूबर 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेजा है। पुलिस मामले की जांच जारी रखे हुए है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
फिलहाल, इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि शिवा शर्मा के गिरने से पहले वास्तव में क्या हुआ था। घरेलू सहायिका का बयान जांच का एक हिस्सा है, लेकिन उससे अकेले पूरी घटना की पुष्टि नहीं होती। पुलिस की जांच और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर ही मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।


