
स्वराज इंडिया ब्यूरो/मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए एसएसपी द्वारा किए गए बड़े स्तर पर पुलिसकर्मियों के तबादलों पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। मेरठ पुलिस महकमे में सुबह जारी की गई 40 से अधिक दरोगा और इंस्पेक्टरों की तबादला सूची को शाम होते-होते होल्ड कर दिया गया है। अचानक हुए इस फैसले के बाद मेरठ से लेकर लखनऊ तक प्रशासनिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
बड़े अफसरों की नाराजगी की चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, सुबह जारी की गई इस भारी-भरकम सूची में ढाई दर्जन से अधिक थानेदारों को एक सर्किल से दूसरे सर्किल में भेजा गया था। चौंकाने वाली बात यह है कि इस सूची में कुछ ऐसे अफसरों के नाम भी शामिल थे जो पहले से लाइन हाजिर चल रहे थे। बताया जा रहा है कि थानेदारों की इस पोस्टिंग को लेकर मेरठ और लखनऊ के वरिष्ठ अधिकारियों ने कड़ी आपत्ति जताई। एक बड़े अधिकारी की भारी नाराजगी के बाद ही इस सूची को आनन-फानन में रोकने (होल्ड करने) के निर्देश जारी किए गए।
आधिकारिक वजह: वाल्मीकि जयंती और त्योहार
हालांकि, प्रशासनिक स्तर पर इस सूची को रोकने के पीछे कानून-व्यवस्था और आगामी त्योहारों का हवाला दिया जा रहा है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आगामी महर्षि वाल्मीकि जयंती और अन्य महत्वपूर्ण आयोजनों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था में कोई ढील न आए, इसलिए फिलहाल इन तबादलों को रोक कर यथास्थिति बनाए रखने का फैसला किया गया है।
तबादला सूची होल्ड होने के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या इस सूची में कोई संशोधन किया जाता है या त्योहारों के बीतने के बाद इसी सूची को दोबारा लागू किया जाएगा।
कुछ अधिकारियों को पुलिस लाइन भेजा गया
तबादला आदेश में कुछ अधिकारियों को पुलिस लाइन भेजने का फैसला भी शामिल था। इनमें नौचंदी के निरीक्षक अनुप सिंह, ग्रामीण स्वाट टीम के प्रभारी शैलेश कुमार, लिसाड़ी गेट के प्रभारी दलवीर सिंह और हस्तिनापुर के प्रभारी कमल शंकर त्रिवेदी के नाम शामिल बताए गए।
अलग-अलग अधिकारियों की तैनाती में बदलाव को लेकर विभागीय स्तर पर चर्चा हुई। कुछ रिपोर्टों में जनहित से जुड़ी शिकायतों और प्रशासनिक कार्रवाई को भी फेरबदल की वजह बताया गया है।
चर्चा है राजनीतिक और विभागीय दबाव के कारण इस लिस्ट को रोकना पड़ा है। नेताओं के चहेतों को मनचाहे थाने नहीं मिले इसके चलते अचानक लिस्ट होल्ड कराई गई है। वहीं एसएसपी का कहना है कि फेस्टिवल ड्यूटी के बाद लिस्ट इसी तरह लागू होगी, इसमें कुछ होल्ड नहीं किया है। कई थानेदारों के सर्किल भी बदले शनिवार को एसएसपी ने 40 से अधिक दरोगा-इंस्पेक्टरों के तबादले की लिस्ट जारी की थी। इस लिस्ट में तमाम थानेदारों के नाम थे। ढाई दर्जन से अधिक थानेदारों को दूसरे सर्किल में भेज दिया गया। उनके सर्किल बदल गए। कई को लाइन हाजिर कर दिया गया। इस लिस्ट के अनुसार नकली सिगरेट कांड में हस्तिनापुर थानेदार कमल शंकर त्रिवेदी और स्वाट टीम इंचार्ज शैलेश कुमार लाइन हाजिर किए गए। लिसाड़ीगेट के वसूली सिंडिकेट कांड में थानेदार दलबीर सिंह लाइन हाजिर हुए। नौचंदी थानेदार अनूप सिंह भी भ्रष्टाचार की शिकायत पर लाइन भेजे गए। लेकिन शाम होते-होते वायरलेस पर ही मैसेज फ्लैश किया गया। कहा गया कि तबादला लिस्ट आज से लागू नहीं है। त्योहार बाद इसे लागू किया जाएगा। लिस्ट होल्ड कर दी गई। एसएसपी ने कहा त्योहार की वजह से अभी चार्ज रोका वहीं पूरे मामले में एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति का कहना है कि कोई ट्रांसफर लिस्ट होल्ड या कैंसिल नहीं की गई है। सिर्फ पीईटी एग्जाम और वाल्मीकि जयंती की वजह से चार्ज लेने से रोका गया है। क्योंकि जो थानेदार, अफसर जहां है वो अभी अपने क्षेत्र में रहकर ये दोनों आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न करा सकता है। इसलिए परीक्षा और वाल्मीकि जयंती होने के बाद थानेदार नया चार्ज संभालेंगे।


