
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग का किया समर्थन, चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल; सैफई में मुलायम सिंह यादव को दी श्रद्धांजलि
स्वराज इंडिया ब्यूरो/सैफई, 10 अक्टूबर 2026। दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे CJP प्रदर्शन को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कमजोर सरकारें पुलिस को आगे करती हैं। अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग का समर्थन किया।
अखिलेश यादव शनिवार को सैफई में समाजवादी पार्टी के संस्थापक और अपने पिता मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई, चुनाव आयोग की भूमिका और लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता को लेकर अपनी बात रखी।
‘कमजोर सरकारें पुलिस को आगे करती हैं’
अखिलेश यादव ने दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उनका कहना था कि जब सरकारें कमजोर होती हैं, तो वे अन्याय का रास्ता अपनाती हैं और पुलिस को आगे करती हैं।
सपा प्रमुख ने सवाल उठाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठने के बावजूद भारतीय जनता पार्टी चुनाव आयोग के साथ क्यों खड़ी है। उनके बयान को CJP प्रदर्शन और उसके दौरान हुई हिरासत की कार्रवाई के संदर्भ में केंद्र सरकार पर राजनीतिक हमले के तौर पर देखा जा रहा है।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग का समर्थन
अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग को एक संवैधानिक संस्था बताते हुए कहा कि उसकी जिम्मेदारी निष्पक्ष निर्णय लेना और लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी विश्वसनीयता बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि आयोग को अपने कामकाज में निष्पक्षता सुनिश्चित करनी चाहिए।
सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर केवल CJP ही नहीं, बल्कि दूसरे राजनीतिक दल भी समय-समय पर सवाल उठाते रहे हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा देने की मांग का समर्थन किया और दावा किया कि यह मुद्दा युवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि कई राजनीतिक दल भी इस पर सवाल उठा रहे हैं।
क्या है CJP प्रदर्शन का मुद्दा
दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन का प्रमुख मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया है। प्रदर्शनकारी मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई और बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आईं। इस कार्रवाई को लेकर विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाए हैं। वहीं, मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया को लेकर लगाए जा रहे आरोपों और चुनाव आयोग के पक्ष का मूल्यांकन तथ्यों तथा आधिकारिक जानकारी के आधार पर किया जाना जरूरी है।
अखिलेश यादव की टिप्पणी ने इस विवाद को और राजनीतिक धार दे दी है। उनके बयान से साफ है कि समाजवादी पार्टी इस मुद्दे पर चुनाव आयोग की जवाबदेही और निष्पक्षता का सवाल उठाना जारी रखना चाहती है।
मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि
सैफई में अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने नेताजी के जीवन और राजनीतिक योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका संघर्ष समाजवादी विचारधारा, गरीबों, पिछड़े वर्गों और वंचित लोगों के अधिकारों तथा सम्मान के लिए समर्पित रहा।
अखिलेश यादव ने मुलायम सिंह यादव के विचारों और सिद्धांतों को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कमजोर और जरूरतमंद लोगों का साथ देने, उन्हें आगे बढ़ाने और उनका हौसला मजबूत करने की बात कही।
सोशलिस्ट म्यूजियम में संजोई जाएगी नेताजी की विरासत
मुलायम सिंह यादव की स्मृतियों और उनके सार्वजनिक जीवन से जुड़ी विरासत को संरक्षित करने के लिए बन रहे सोशलिस्ट म्यूजियम का भी जिक्र किया गया। इस संग्रहालय में उनके जीवन, फैसलों, राजनीतिक सफर और समाजवादी विचारधारा से जुड़े कार्यों को प्रदर्शित करने की योजना है।
अखिलेश यादव के बयान और श्रद्धांजलि कार्यक्रम ने एक ओर दिल्ली के CJP प्रदर्शन को लेकर सियासी बहस को चर्चा में ला दिया, तो दूसरी ओर मुलायम सिंह यादव की विरासत और समाजवादी विचारधारा को आगे बढ़ाने के संकल्प को भी रेखांकित किया।
निष्कर्ष: दिल्ली में CJP प्रदर्शन के बीच अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठाकर विपक्षी राजनीति में इस मुद्दे को फिर से प्रमुखता दी है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि SIR और चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर उठे सवालों पर आगे क्या आधिकारिक जवाब और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आती हैं।


