
कानपुर। अमेठी के मोहनगंज थाने में तैनात 22 वर्षीय महिला सिपाही प्रतीक्षा सिंह की मौत के मामले में पुलिस जांच में नया मोड़ सामने आया है। कानपुर के रेउना थाना क्षेत्र स्थित अपने गांव में छुट्टी के दौरान प्रतीक्षा की मौत के बाद पुलिस ने उसके पूर्व कोचिंग शिक्षक विक्रम सिंह चंदेल को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ मृतका के पिता की तहरीर पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी को अदालत में पेश किए जाने के बाद जेल भेज दिया गया है।
30 सितंबर को घर पहुंची थी प्रतीक्षा
गिरसी गांव निवासी प्रतीक्षा सिंह की वर्ष 2025 में उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती हुई थी। उसकी पहली तैनाती अमेठी के मोहनगंज थाने में हुई थी। 30 सितंबर को वह सात दिन की छुट्टी लेकर अपने घर पहुंची थी।
घर आने के बाद वह आराम करने के लिए कमरे में चली गई। कुछ देर बाद परिजनों को वह कमरे में मृत मिली। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और उसका मोबाइल कब्जे में लिया। पुलिस के मुताबिक मोबाइल रिसेट मिला था और उसके डेटा की जांच की गई।
कॉल डिटेल से सामने आया अहम कनेक्शन
पुलिस जांच में प्रतीक्षा और सचेंडी थाना क्षेत्र के बिनौर निवासी विक्रम सिंह चंदेल के बीच लंबे समय से फोन पर बातचीत की जानकारी सामने आई। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक करीब 10 महीने के दौरान दोनों के बीच लगभग 5000 बार फोन पर बातचीत हुई थी। मौत से कुछ घंटे पहले भी दोनों के बीच तीन बार बातचीत हुई थी।
पुलिस के अनुसार विक्रम वर्ष 2019 में सेना से सेवानिवृत्त हुआ था और इसके बाद गजनेर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाली कोचिंग चलाता था। प्रतीक्षा ने भी पुलिस भर्ती की तैयारी के दौरान उसके यहां कोचिंग की थी। इसी दौरान दोनों के बीच बातचीत बढ़ने की बात जांच में सामने आई है।
शादी को लेकर चल रहा था विवाद
पुलिस जांच के मुताबिक प्रतीक्षा के परिवार की ओर से उसकी शादी के लिए रिश्ते देखे जा रहे थे। इसी को लेकर विक्रम और प्रतीक्षा के बीच पिछले कुछ दिनों से विवाद होने की बात सामने आई है। पुलिस का कहना है कि घटना से पहले दोनों के बीच फोन पर बातचीत और विवाद हुआ था।
हालांकि, दोनों के रिश्ते और विवाद से जुड़े कई पहलू अभी पुलिस जांच का हिस्सा हैं। इसलिए इन तथ्यों को जांच में सामने आए प्रारंभिक बिंदुओं के रूप में देखा जा रहा है।
पिता की तहरीर पर मुकदमा और आरोपी गिरफ्तार
प्रतीक्षा के पिता विजय सिंह ने विक्रम सिंह चंदेल पर बेटी को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया। उनकी तहरीर के आधार पर रेउना थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और शनिवार को अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
परिवार ने विभागीय प्रताड़ना की भी जताई आशंका
मृतका के पिता ने अमेठी में बेटी की तैनाती के दौरान विभागीय स्तर पर मानसिक प्रताड़ना और ड्यूटी से जुड़ी परेशानियों के भी आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि बेटी कई बार डरी और परेशान नजर आती थी।
हालांकि, अमेठी पुलिस की ओर से उपलब्ध बयान में कहा गया है कि सहकर्मियों पर लगाए गए ऐसे आरोपों की जानकारी पुलिस को नहीं मिली है। पुलिस ने कहा है कि शिकायत मिलने पर नियमानुसार जांच की जाएगी।
जांच में कई पहलुओं पर फोकस
पुलिस अब कॉल डिटेल, मोबाइल से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों और घटना से पहले की परिस्थितियों की जांच कर रही है। मोबाइल रिसेट किए जाने के कारण पुलिस ने उसके डेटा की फॉरेंसिक जांच भी शुरू की है।
फिलहाल आरोपी विक्रम सिंह चंदेल जेल में है और उसके खिलाफ दर्ज मामले की जांच जारी है। महिला सिपाही की मौत के पीछे की परिस्थितियों और लगाए गए आरोपों की अंतिम तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।


