
स्वराज इंडिया ब्यूरो/प्रयागराज | 1 अक्टूबर 2026
उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों को स्पेशल TET-2026 में शामिल होने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। गुरुवार को न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की एकल पीठ ने वसीम अहमद समेत 220 अन्य शिक्षामित्रों की याचिकाएं खारिज कर दीं। अदालत ने स्पष्ट किया कि शिक्षामित्रों की कानूनी स्थिति नियमित सरकारी शिक्षकों से अलग है और केवल सामान्य TET में बैठने की पात्रता के आधार पर उन्हें विशेष TET में शामिल होने का अधिकार नहीं मिल जाता।
क्या था शिक्षामित्रों का तर्क
याचिकाकर्ताओं का कहना था कि वे लंबे समय से परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर रहे हैं। उनका तर्क था कि जब लंबे समय से सेवा दे रहे अन्य श्रेणी के शिक्षकों को स्पेशल TET में शामिल होने का अवसर दिया गया है, तो शिक्षामित्रों को भी यह मौका मिलना चाहिए।
वसीम अहमद समेत 220 अन्य शिक्षामित्रों ने इसी मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। 24 सितंबर को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
हाईकोर्ट ने क्या कहा
अदालत ने माना कि नियमित सरकारी शिक्षक और शिक्षामित्र एक समान कानूनी श्रेणी में नहीं आते। कोर्ट के अनुसार, स्पेशल TET का प्रावधान सेवारत शिक्षकों को निर्धारित न्यूनतम योग्यता हासिल करने का अवसर देने के उद्देश्य से बनाया गया है।
कोर्ट ने यह भी माना कि सरकार द्वारा शिक्षामित्रों को इस विशेष परीक्षा से अलग रखने के फैसले में ऐसा आधार मौजूद है जो इस वर्गीकरण को उचित ठहराता है। इसलिए संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 के उल्लंघन का तर्क स्वीकार नहीं किया गया।
यूपी में करीब 73 हजार शिक्षामित्रों पर असर
प्रदेश में करीब 1.43 लाख शिक्षामित्र बताए जा रहे हैं। इनमें लगभग 70 हजार शिक्षामित्र TET पास कर चुके हैं, जबकि करीब 73 हजार ने अभी तक TET पास नहीं किया है। हाईकोर्ट का यह फैसला मुख्य रूप से उन शिक्षामित्रों के लिए महत्वपूर्ण है जो स्पेशल TET के जरिए पात्रता हासिल करने का अवसर चाहते थे।
3 नवंबर को प्रस्तावित है स्पेशल TET
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने स्पेशल TET-2026 के लिए 3 सितंबर को विज्ञापन जारी किया था। आवेदन प्रक्रिया 5 सितंबर से शुरू हुई थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार परीक्षा 3 नवंबर 2026 को प्रस्तावित है।
परीक्षा में 150 अंकों के वस्तुनिष्ठ प्रश्न होंगे। परीक्षा की अवधि ढाई घंटे होगी और इसमें नकारात्मक अंकन नहीं रखा गया है। आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तारीख 4 अक्टूबर और आवेदन में संशोधन की अंतिम तारीख 8 अक्टूबर बताई गई है।
शिक्षामित्रों के लिए अब क्या विकल्प
हाईकोर्ट के फैसले के बाद शिक्षामित्रों को स्पेशल TET में शामिल होने की मांग पर फिलहाल राहत नहीं मिली है। शिक्षामित्र संगठन की ओर से फैसले के खिलाफ आगे अपील किए जाने की बात कही गई है।
यह मामला शिक्षामित्रों की लंबे समय से चली आ रही सेवा और शिक्षक पात्रता से जुड़ी मांगों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। वहीं, स्पेशल TET को लेकर सरकार और आयोग की घोषित परीक्षा प्रक्रिया फिलहाल अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ रही है।


