Monday, September 28, 2026
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कानपुर में नकली एंटी रैबीज वैक्सीन का मामला गहराया, दो फर्मों के तीन लोगों पर FIR

स्वराज इंडिया ब्यूरो/कानपुर। दिल्ली में सामने आए कथित नकली एंटी रैबीज वैक्सीन मामले के तार अब कानपुर के थोक दवा बाजार तक पहुंच गए हैं। कलक्टरगंज पुलिस ने बिरहाना रोड स्थित दो दवा फर्मों से जुड़े तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि संदिग्ध वैक्सीन की खरीद-बिक्री और अलग-अलग राज्यों तक सप्लाई का नेटवर्क कितना बड़ा था।

बिरहाना रोड की दो एजेंसियां जांच के घेरे में

मामले में बिरहाना रोड स्थित न्यू आरजे एजेंसी और एलेक्सा एजेंसी का नाम सामने आया है। ड्रग विभाग ने दोनों प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें सील किया था। इसके बाद फर्मों से जुड़े दस्तावेजों और दवा खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड की जांच शुरू की गई।

जांच का एक प्रमुख बिंदु यह है कि दिल्ली में पकड़ी गई कथित नकली एंटी रैबीज वैक्सीन का कानपुर से क्या संबंध है और यहां से किन-किन स्थानों पर इसकी आपूर्ति हुई। शुरुआती जांच में दिल्ली के अलावा दूसरे राज्यों तक सप्लाई की आशंका की भी पड़ताल की जा रही है।

नौघड़ा में मिली 592 संदिग्ध वायल

जांच के दौरान कानपुर के नौघड़ा क्षेत्र में एक फर्म से संबंधित 592 वायल मिलने की रिपोर्ट सामने आई है। इन वायल के नमूने जांच के लिए भेजे जाने की बात कही गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इनकी वास्तविक गुणवत्ता और वैक्सीन की प्रामाणिकता को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी।

इससे पहले ड्रग विभाग ने कई फर्मों से संबंधित वैक्सीन की तलाश और जांच शुरू की थी। रिपोर्टों के मुताबिक विभाग की कार्रवाई का दायरा अब अन्य मेडिकल स्टोरों तक भी बढ़ाया जा रहा है।

एक ही बिल पर अलग-अलग दवाओं का रिकॉर्ड

मामले की जांच में बिलिंग को लेकर भी सवाल सामने आए हैं। 27 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक, दो एजेंसियों के रिकॉर्ड में एक ही बिल पर अलग-अलग दवाओं की खरीद-बिक्री दिखाई गई। इससे जांचकर्ताओं का ध्यान दस्तावेजों और सप्लाई चेन के मिलान पर गया है।

अब यह देखा जा रहा है कि वैक्सीन किससे खरीदी गई, किसे बेची गई, किस बैच की थी और संबंधित दस्तावेजों में दर्ज जानकारी वास्तविक सप्लाई से मेल खाती है या नहीं।

दिल्ली से शुरू हुई जांच पहुंची कानपुर

इस पूरे मामले की शुरुआत दिल्ली में कथित नकली एंटी रैबीज वैक्सीन पकड़े जाने के बाद हुई। दिल्ली क्राइम ब्रांच की पड़ताल के दौरान कानपुर कनेक्शन सामने आया, जिसके बाद यूपी ड्रग विभाग की टीम ने भी जांच शुरू की। 23 सितंबर को बिरहाना रोड स्थित न्यू आरजे एजेंसी से जुड़े व्यक्ति से पूछताछ की गई थी।

इसके बाद दोनों एजेंसियों पर कार्रवाई और दस्तावेजों की जांच तेज हुई। अब पुलिस की FIR के बाद मामले में आपराधिक जांच का दायरा भी बढ़ गया है।

सप्लाई नेटवर्क की पड़ताल जारी

जांच एजेंसियों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल कथित सप्लाई नेटवर्क को लेकर है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि संदिग्ध वैक्सीन कहां से आई, किस स्तर पर उसकी खरीद-बिक्री हुई और किन-किन स्थानों तक वह पहुंची।

साथ ही संबंधित फर्मों के बिल, स्टॉक रजिस्टर, खरीद-बिक्री रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है। जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

क्या है अगला फोकस

फिलहाल जांच के प्रमुख बिंदु हैं—

  • संदिग्ध वैक्सीन का स्रोत
  • बैच और उत्पाद की प्रामाणिकता
  • बिरहाना रोड की फर्मों से हुई खरीद-बिक्री
  • अलग-अलग राज्यों तक कथित सप्लाई
  • बिल और स्टॉक रिकॉर्ड में विसंगतियां
  • जब्त वायल की जांच रिपोर्ट
  • FIR में नामजद लोगों की भूमिका

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