
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, नदी में अचानक आई बाढ़ के पीछे भूस्खलन और हिम-चट्टान के खिसकने की आशंका जताई जा रही है। क्षेत्र में संचार और सड़क संपर्क बाधित होने से राहत और बचाव अभियान को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
नेपाली सेना ने संभाला मोर्चा
नेपाल सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की टीमें प्रभावित इलाकों में खोज और बचाव अभियान चला रही हैं। रिपोर्टों के मुताबिक नेपाली सेना ने राहत और बचाव के लिए हेलीकॉप्टरों तथा आपदा प्रतिक्रिया टीमों को तैनात किया है। हालांकि खराब मौसम, मलबे और क्षतिग्रस्त रास्तों के कारण कई जगह पहुंचना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
मौतों का आंकड़ा भी बढ़ा
काठमांडू/रसुवा: नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। बाढ़ और उसके बाद हुए भूस्खलन की चपेट में आने से सैकड़ों पर्यटकों और यात्रियों के लापता होने की खबर है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, करीब 398 पर्यटक टूर ऑपरेटरों के संपर्क से बाहर हैं, जिनमें 133 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि लापता भारतीयों में बड़ी संख्या उन यात्रियों की है जो कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल-तिब्बत सीमा की ओर जा रहे थे। नेपाल पर्यटन अधिकारियों के अनुसार, इस इलाके में कई देशों के पर्यटक और तीर्थयात्री मौजूद थे।
भोटेकोशी नदी में अचानक बढ़ा पानी
बुधवार सुबह रसुवा जिले के सीमावर्ती इलाके में अचानक आई बाढ़ ने सड़क, पुल, मकान और कई बुनियादी ढांचों को भारी नुकसान पहुंचाया। बाढ़ का असर तिमुरे और स्याफ्रूबेसी जैसे इलाकों में भी देखने को मिला। नेपाल-तिब्बत सीमा पर स्थित महत्वपूर्ण ग्यिरोंग पोर्ट के आसपास भी भूस्खलन से संपर्क व्यवस्था प्रभावित हुई है।
ताजा रिपोर्टों में नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से कम से कम 95 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं। प्रभावित क्षेत्र में बचाव अभियान जारी है और अधिकारियों को आशंका है कि संपर्क बहाल होने के बाद लापता लोगों की संख्या और स्पष्ट हो सकती है।
भारतीय पर्यटकों को लेकर बढ़ी चिंता
भारतीय नागरिकों के लापता होने की खबर के बाद उनके परिवारों की चिंता बढ़ गई है। भारत सरकार भी स्थिति पर नजर रख रही है और प्रभावित भारतीय नागरिकों की जानकारी जुटाने तथा सहायता पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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