
कानपुर नगर निगम सदन में भिड़े पार्षद:सपाई बोले- ब्राह्मण तुमको चप्पल से मारेगा, भाजपा का जवाब- विधायक चोर है कानपुर नगर निगम की बैठक में शनिवार को जोरदार हंगामा हुआ। भाजपा पार्षद विकास जायसवाल और सपा पार्षद रजत कौशिक बाजपेई के बीच तनातनी हो गई। कहासुनी से शुरू हुआ विवाद मारपीट तक पहुंच गया।
कानपुर। कानपुर नगर निगम सदन की शनिवार की बैठक में कार्यकारिणी के छह सदस्यों के चुनाव के दौरान भाजपा और सपा पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। विवाद बढ़ने पर हाथापाई की स्थिति बन गई और कुछ पार्षदों को बीच-बचाव करना पड़ा। बैठक से पहले ही संभावित हंगामे को देखते हुए नगर निगम परिसर में पुलिस और पीएसी की तैनाती की गई थी।
मामला भाजपा पार्षद विकास जायसवाल और सपा पार्षद रजत कौशिक बाजपेई के बीच कहासुनी से शुरू हुआ। रिपोर्टों के अनुसार, विवाद के दौरान दोनों पक्षों की ओर से तीखी और व्यक्तिगत टिप्पणियां की गईं। विकास जायसवाल ने सपा विधायक अमिताभ बाजपेई को लेकर आपत्तिजनक आरोप वाला नारा लगाया, जबकि रजत कौशिक बाजपेई ने भी जवाबी टिप्पणी की।

पुलिस की मौजूदगी में संभाला गया हंगामा
सदन की बैठक से पहले ही हंगामे की आशंका को देखते हुए एसीपी समेत तीन थानों की पुलिस और पीएसी को नगर निगम परिसर में तैनात किया गया था। बैठक के दौरान अलग-अलग मुद्दों पर हुए विवाद को पुलिसकर्मियों ने नियंत्रित किया।
एक अन्य घटनाक्रम में भाजपा पार्षद लक्ष्मी कोरी, विकास जायसवाल और आलोक पांडेय मंच के पास पहुंचे। इस दौरान एक युवक को लेकर विवाद हुआ और उसके साथ कथित अभद्रता का आरोप लगाया गया। भाजपा पार्षद आकर्ष बाजपेई ने भी सदन में व्यवधान पैदा करने वालों को बाहर करने की मांग रखी।

कार्यकारिणी में भाजपा के पांच और सपा का एक सदस्य
बैठक का मुख्य एजेंडा नगर निगम कार्यकारिणी के छह रिक्त सदस्यों का चुनाव था। बैठक से पहले ही सभी दलों के बीच सर्वसम्मति बनाने की कोशिश की जा रही थी।
बैठक के बाद छह सदस्यों का चुनाव सर्वसम्मति से हुआ। इनमें सपा से रजत कौशिक तथा भाजपा से वंदना शर्मा, कौशल मिश्रा, आदर्श गुप्ता, जितेंद्र चौरसिया और सतीश यादव शामिल हैं।
सड़कों और सफाई का मुद्दा भी उठा
सदन में राजनीतिक बहस के साथ शहर की बुनियादी समस्याओं पर भी चर्चा हुई। पनकी की पार्षद आरती बाजपेई ने क्षेत्र में गंदगी का मुद्दा उठाया। वहीं विनायकपुर के पार्षद कौशल मिश्रा ने पीडब्ल्यूडी की जर्जर सड़कों को लेकर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि खराब सड़कों को लेकर जनता अक्सर नगर निगम और पार्षदों से जवाब मांगती है, जबकि कई सड़कें पीडब्ल्यूडी के अधीन हैं। उन्होंने ऐसी सड़कों पर नगर निगम की जिम्मेदारी स्पष्ट करने वाले बोर्ड लगाने की मांग रखी।

गोविंद मोहन शुक्ला मुख्य सचेतक, नीरज रक्सेल सचेतक
नगर निगम के नेता पार्षद नवीन पंडित के मुताबिक, महापौर के निर्देश पर गोविंद मोहन शुक्ला को मुख्य सचेतक और नीरज रक्सेल को सचेतक मनोनीत किया गया है। मुख्य सचेतक का पद पार्षद स्वर्गीय यशपाल सिंह के निधन के बाद रिक्त हुआ था।
कानपुर नगर निगम में इस समय टेंडर और विकास कार्यों से जुड़े विवाद भी चर्चा में हैं। हाल की जांच में कई फर्मों के दस्तावेजों में अनियमितताओं की बात सामने आई है और इस मामले की जांच आगे बढ़ रही है।



