
कानपुर देहात: उत्तर प्रदेश की राजनीति में धार्मिक और आस्था से जुड़े बयानों को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। कानपुर देहात में अमर सिंह पाल के कथित बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विरोध के स्वर उठ रहे हैं। आरोप लगाया गया है कि उनके बयान से भगवान श्री हनुमान जी महाराज के चरित्र और करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक आस्था पर सवाल खड़े हुए हैं।
विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि अमर सिंह पाल का यह कथित बयान बेहद आपत्तिजनक है और इससे सनातन आस्था को ठेस पहुंची है। बयान को लेकर उनसे तत्काल सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की जा रही है।
मामले को लेकर पूर्व सपा सांसद राजाराम पाल का नाम भी राजनीतिक बयानबाजी में लिया जा रहा है। विरोधियों का आरोप है कि राजाराम पाल पूर्व में ब्राह्मण समाज और श्रीरामचरितमानस को लेकर विवादित बयान दे चुके हैं। हालांकि, इन आरोपों और पुराने बयानों को लेकर संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
विरोध कर रहे नेताओं और समर्थकों ने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े विषयों पर किसी भी तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी स्वीकार नहीं की जाएगी। उनका कहना है कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन धार्मिक आस्थाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
वहीं, इस पूरे विवाद को आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की राजनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है। विरोधियों ने दावा किया है कि जनता चुनाव में ऐसे बयानों का जवाब अपने मताधिकार के जरिए देगी।
फिलहाल पूरे मामले में अमर सिंह पाल की ओर से कोई विस्तृत स्पष्टीकरण या माफी का बयान सामने आता है या नहीं, इस पर नजर बनी हुई है। विवाद बढ़ने के साथ ही यह मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।


