
ब्जे, रिश्वत और तालाब पट्टे में गड़बड़ी की शिकायतों के बीच मोबाइल में मशगूल दिखे जिम्मेदार
स्वराज इंडिया ब्यूरो
बिल्हौर (कानपुर)। बिल्हौर ब्लॉक सभागार में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में एसडीएम मनीष कुमार फरियादियों की शिकायतें सुनकर संबंधित अधिकारियों को निस्तारण के निर्देश देते रहे। वहीं, उनके बगल में बैठे वन रेंजर मोबाइल में व्यस्त नजर आए। कुछ अन्य विभागों के जिम्मेदार भी मोबाइल चलाते दिखे, जबकि कई महिला कर्मचारी आपस में निजी बातचीत में मशगूल रहीं।
समाधान दिवस में जमीन और मकान पर कब्जे, सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे, सरकारी योजनाओं में रिश्वत मांगने, तालाब पट्टे में अनियमितता और अवैध मांस की दुकानों से फैल रही गंदगी समेत कई शिकायतें पहुंचीं। फरियादी अपनी समस्याएं लेकर अधिकारियों के सामने अपनी बारी का इंतजार करते रहे। एक ओर एसडीएम शिकायतकर्ताओं की समस्याएं गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश देते रहे, वहीं दूसरी ओर कुछ जिम्मेदारों का ध्यान मोबाइल स्क्रीन और आपसी बातचीत में लगा रहा। एसडीएम के ठीक बगल में बैठे वन रेंजर का मोबाइल में व्यस्त रहना भी चर्चा का विषय बना रहा। समाधान दिवस का उद्देश्य फरियादियों की समस्याओं का मौके पर सुनवाई कर त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराना है। ऐसे में अधिकारियों की मौजूदगी के बीच कुछ जिम्मेदारों का इस तरह मोबाइल और आपसी बातचीत में व्यस्त नजर आना कार्यक्रम की गंभीरता पर सवाल खड़े करता है। हालांकि मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे अधिकारियों-कर्मचारियों की ओर से उस समय किस कार्य के लिए मोबाइल चलाया जा रहा था, यह स्पष्ट नहीं हो सका।
एसडीएम मनीष कुमार ने सभी शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराने के निर्देश दिए।

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सामने एसडीएम, फिर भी बेफिक्र
एसडीएम बिल्हौर मनीष कुमार फरियादियों की गंभीरता से शिकायतें सुनते रहे और संबंधित अधिकारियों को निस्तारण के निर्देश देते रहे। वहीं, उनके सामने और बगल में बैठे वन रेंजर समेत कुछ जिम्मेदार मोबाइल में व्यस्त नजर आए। फरियादी अपनी बारी का इंतजार करते रहे, जबकि कुछ जिम्मेदारों का ध्यान शिकायतों के बजाय मोबाइल और आपसी बातचीत पर रहा। अधिकारियों की मौजूदगी में यह तस्वीर समाधान दिवस की गंभीरता पर सवाल खड़े करती नजर आई।


