Monday, September 7, 2026
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कानपुर में स्वाइन फ्लू से प्रधान के 30 वर्षीय बेटे की मौत का दावा इलाज में लापरवाही के आरोपों के बाद पोस्टमॉर्टम से सामने आई बात

H1N1 को लेकर कानपुर में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट सरकारी अस्पतालों में 105 बेड आरक्षित

कानपुर। जिले में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 को लेकर स्वास्थ्य विभाग पहले से अलर्ट मोड पर है। इसी बीच एक ग्राम प्रधान के 30 वर्षीय बेटे की स्वाइन फ्लू से मौत का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव के पोस्टमॉर्टम की मांग की थी।

परिजनों का आरोप है कि निजी अस्पताल में इलाज के दौरान बीमारी की गंभीरता और संक्रमण से जुड़ी जानकारी स्पष्ट रूप से नहीं बताई गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू से मौत की पुष्टि होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इस रिपोर्ट और निजी अस्पताल पर लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों से होना बाकी है।

कानपुर में स्वाइन फ्लू (H1N1) संक्रमण से पहली मौत दर्ज की गई है, जिसमें कन्नौज के 30 वर्षीय युवक की जान चली गई। वहीं, एक चार माह का बच्चा भी संक्रमित है। इसके अलावा उन्नाव में स्वाइन फ्लू के सात रोगी मिले चुके हैं, जबकि इटावा में दो और कानपुर देहात में एक मरीज मिला है। सभी का इलाज चल रहा है।कन्नौज के ग्राम तेरा जाकेट गुरसहायगंज 30 वर्ष के युवक को 28 अगस्त को पेट में दर्द की समस्या के साथ रावतपुर के अनुराग हास्पिटल में भर्ती कराया गया था। जहां पर अस्पताल प्रबंधन ने स्वाइन फ्लू के मरीज को अन्य मरीजों के बीच भर्ती कर इलाज किया था। इलाज के दौरान युवक की मौत के बाद स्वजन ने हंगामा किया था, तब मौत के कारण का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम कराया गया था।

जांच रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के बाद हड़कंप मच गया। पोस्टमार्टम प्रभारी डा. विपुल चतुर्वेदी ने बताया कि पोस्टमार्टम में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के बाद इसकी जानकारी सीएमओ डा. हरिदत्त नेमी को दे दी है। अनुराग हास्पिटल के डा. अनुराग सेंगर ने बताया कि स्वजन ने वायरल निमोनिया बताकर भर्ती कराया था। बाद में जांच में पता चला कि स्वाइन फ्लू है। अस्पताल के डाक्टर व स्टाफ की जांच कराई जाएगी।


स्वाइन फ्लू इन्फ्लूएंजा ए (एचवन एनवन) संक्रमण से कानपुर शहर में पहली मौत का मामला सामने आया है। कल्याणपुर के अनुराग हास्पिटल में 28 अगस्त को निमोनिया के लक्षण के साथ भर्ती हुए कन्नौज के 30 वर्षीय युवक की मौत हो गई थी। अस्पताल में चार दिन इलाज के बाद एक सितंबर को हुई मौत के बाद स्वजन के हंगामे पर पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया था।

100 से अधिक लोगों पर संक्रमण के खतरे का दावा

परिवार और स्थानीय स्तर पर यह आशंका भी जताई जा रही है कि मृतक के संपर्क में आए 100 से अधिक लोगों पर संक्रमण का खतरा हो सकता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की ओर से संपर्क में आए लोगों की निगरानी और जरूरत के अनुसार जांच कराना अहम माना जा रहा है।

कानपुर में पहले से अलर्ट स्वास्थ्य विभाग

स्वाइन फ्लू के बढ़ते खतरे को देखते हुए कानपुर स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक जिले के सरकारी अस्पतालों में कुल 105 बेड आरक्षित किए गए हैं। हैलट अस्पताल में 30 बेड का विशेष वार्ड तैयार किया गया है, जबकि उर्सला और कांशीराम अस्पताल समेत सीएचसी स्तर पर भी बेड आरक्षित किए गए हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने H1N1 के लक्षण वाले मरीजों की पहचान और समय पर जांच एवं उपचार पर जोर दिया है।

निजी अस्पताल की भूमिका पर उठे सवाल

मृतक के परिवार की ओर से निजी अस्पताल पर इलाज के दौरान बीमारी की जानकारी छिपाने या उचित जानकारी नहीं देने के आरोप लगाए गए हैं। मामले में वास्तविक स्थिति स्वास्थ्य विभाग की जांच और उपलब्ध मेडिकल रिकॉर्ड से ही स्पष्ट होगी।

संक्रमण को लेकर बढ़ी चिंता

कानपुर में स्वाइन फ्लू के खतरे को देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां बढ़ाई गई हैं। ऐसे में इस मौत के मामले में मृतक के संपर्क में आए लोगों की पहचान और स्वास्थ्य निगरानी महत्वपूर्ण हो सकती है।

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