Thursday, August 20, 2026
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लव मैरिज बनी बेटी की मौत की वजह? आयुषी हत्याकांड में मां-बाप को उम्रकैद, 4 साल बाद मथुरा कोर्ट का बड़ा फैसला

लव मैरिज के बाद बेटी की हत्या का आरोप, शव सूटकेस में रखकर मथुरा में फेंकने के मामले में दोनों दोषी

मथुरा/दिल्ली। चर्चित आयुषी यादव हत्याकांड में करीब चार साल बाद अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। मथुरा की अदालत ने आयुषी के माता-पिता नितेश यादव और ब्रजवाला को हत्या के मामले में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर जुर्माना भी लगाया है।

कोर्ट में पिता का बयान

सजा सुनाए जाने के दौरान आयुषी के पिता नितेश यादव ने अपनी सफाई में कहा कि बेटी की हत्या उन्होंने की थी और उनकी पत्नी का इसमें दोष नहीं है। इसके बाद वह चुप हो गए। वहीं आयुषी की मां ब्रजवाला सिर झुकाकर खड़ी रहीं।

कोर्ट ने अपराध को बताया अत्यंत क्रूर

फैसला सुनाते हुए अदालत ने अपराध को अत्यंत क्रूर और वीभत्स श्रेणी का बताया। कोर्ट ने कहा कि दोषियों के प्रति नरम रुख अपनाने का कोई न्यायोचित आधार नहीं है और ऐसे अपराध में सजा का समाज पर भी संदेश पड़ता है।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस जांच के अनुसार, नवंबर 2022 में 22 वर्षीय आयुषी की दिल्ली स्थित घर में हत्या कर दी गई थी। इसके बाद उसका शव एक सूटकेस में रखकर मथुरा के पास यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे फेंक दिया गया था। बाद में पुलिस ने शव की पहचान आयुषी यादव के रूप में की।

लव मैरिज को लेकर परिवार में था विवाद

रिपोर्टों के मुताबिक आयुषी ने परिवार की इच्छा के खिलाफ राजस्थान के भरतपुर निवासी युवक से आर्य समाज मंदिर में शादी की थी। पुलिस जांच में सामने आया था कि इस शादी को लेकर परिवार में विवाद था।

जांच में सामने आई कई अहम कड़ियां

मथुरा पुलिस ने आयुषी की पहचान के लिए बड़े स्तर पर जांच की थी। रिपोर्ट के मुताबिक करीब 300 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई और कई पुलिस टीमें लगाई गईं। जांच के दौरान पुलिस को आयुषी के परिवार तक पहुंचने में सफलता मिली।

शव की पहचान के बाद खुला मामला

सूटकेस में शव मिलने के बाद शुरुआती दौर में उसकी पहचान नहीं हो सकी थी। बाद में पुलिस की जांच आयुषी के दिल्ली स्थित घर तक पहुंची और परिवार के सदस्यों से पूछताछ के बाद मामले की गुत्थी खुलती चली गई।

चार साल बाद आया फैसला

पुलिस जांच के बाद नितेश यादव और ब्रजवाला के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया। अदालत में अभियोजन पक्ष ने गवाहों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अपना पक्ष रखा। करीब चार साल चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने दोनों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

जुर्माना भी लगाया गया

रिपोर्ट के अनुसार अदालत ने नितेश यादव पर 7 हजार रुपये और ब्रजवाला पर 6 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध अदालत संबंधी रिपोर्टों और प्रकाशित मीडिया विवरणों के आधार पर तैयार की गई है। मामले में अंतिम कानूनी स्थिति के लिए न्यायालय के आधिकारिक आदेश को प्राथमिक स्रोत माना जाना चाहिए।

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