
स्वराज इंडिया ब्यूरो/नई दिल्ली। नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान शनिवार को एक ऐसा पल कैमरे में कैद हुआ, जिसने सबका ध्यान खींच लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना शुरुआती संबोधन कुछ क्षणों के लिए रोक दिया और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की ओर देखकर उनकी स्थिति के बारे में पूछा। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक PM मोदी ने जिनपिंग के साथ मौजूद अनुवादक की ओर देखकर “Is it okay?” यानी ‘क्या सब ठीक है?’ पूछा।
जिनपिंग की स्थिति पर PM मोदी ने जताई चिंता
घटना उस समय हुई जब प्रधानमंत्री मोदी BRICS सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में बोल रहे थे। रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें शी जिनपिंग कुछ असहज नजर आए, जिसके बाद उन्होंने अपना संबोधन कुछ देर के लिए रोका और उनकी स्थिति के बारे में पूछा। कुछ समय बाद PM मोदी ने दोबारा भी उनकी स्थिति जानने की कोशिश की।
हालांकि, जिनपिंग के असहज दिखने की वजह तत्काल स्पष्ट नहीं हुई। उपलब्ध रिपोर्टों में माइक्रोफोन, अनुवाद या उस समय की अन्य तकनीकी/व्यवस्थागत स्थिति जैसी संभावनाओं का उल्लेख किया गया है, लेकिन किसी आधिकारिक बयान में असहजता की निश्चित वजह नहीं बताई गई है। इसलिए इसे किसी स्वास्थ्य समस्या से जोड़ना फिलहाल सही नहीं होगा।
सात साल बाद भारत पहुंचे जिनपिंग
शी जिनपिंग 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए करीब सात साल बाद भारत पहुंचे। उनकी यात्रा को भारत-चीन संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 2020 के सीमा तनाव के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में उतार-चढ़ाव रहा है, हालांकि हाल के वर्षों में उच्चस्तरीय संपर्क फिर बढ़ा है।
मोदी-जिनपिंग के बीच करीब 40 मिनट हुई बातचीत
BRICS सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक भी हुई। रिपोर्टों के मुताबिक करीब 40 मिनट चली इस बातचीत में दोनों नेताओं ने भारत-चीन संबंधों को दीर्घकालिक और रणनीतिक दृष्टिकोण से आगे बढ़ाने पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत में सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता को द्विपक्षीय संबंधों के निरंतर विकास के लिए जरूरी बताया। दोनों पक्षों की ओर से यह संदेश दिया गया कि मतभेदों को विवाद में बदलने से बचना चाहिए।
जिनपिंग ने संबंधों की गति को बताया महत्वपूर्ण
चीन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, शी जिनपिंग ने भारत-चीन संबंधों में संस्थागत संपर्क की बहाली, सहयोग के बढ़ते क्षेत्रों और व्यापार में वृद्धि का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बनी सकारात्मक गति को महत्व दिया जाना चाहिए।
दोनों देशों के बीच हाल के संपर्कों में 2024 में कजान और 2025 में तियानजिन में मोदी-जिनपिंग की मुलाकातें शामिल रही हैं। ऐसे में BRICS के दौरान हुई यह बैठक भारत-चीन संबंधों में जारी संवाद का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव बनी।
BRICS मंच पर दिखा कूटनीति और संवेदनशीलता का पल
शी जिनपिंग की असहजता के दौरान प्रधानमंत्री मोदी का भाषण रोककर उनका हाल पूछना BRICS सम्मेलन का एक चर्चित दृश्य बन गया है। वहीं, इसके बाद दोनों नेताओं की द्विपक्षीय बैठक में सीमा पर शांति, स्थिरता और संबंधों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
इस पूरे घटनाक्रम ने BRICS मंच पर कूटनीति के साथ मानवीय संवेदनशीलता की एक झलक भी दिखाई। हालांकि जिनपिंग उस समय क्यों असहज दिखाई दिए, इसकी आधिकारिक वजह सामने आने तक इस संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।


