
स्वराज इंडिया ब्यूरो/पीलीभीत, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के अमरिया कस्बे में रामलीला मेला कमेटी के पुराने हिसाब-किताब को लेकर हुआ विवाद खूनी वारदात में बदल गया। सोमवार रात हुई फायरिंग में दो सगे कारोबारी भाइयों समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि उनका एक रिश्तेदार घायल हो गया। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है और इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है।
रामलीला कमेटी के हिसाब-किताब पर शुरू हुआ विवाद
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, सोमवार रात करीब 9:30 बजे अमरिया थाना क्षेत्र में रामलीला मेला कमेटी के आय-व्यय के हिसाब और नई कमेटी के गठन को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हुआ। कहासुनी बढ़ने के बाद मामला मारपीट और फायरिंग तक पहुंच गया।
आरोप है कि एक पक्ष के लोगों ने लाठी-डंडों से हमला करने के बाद गोलीबारी की। इस दौरान कारोबारी भाइयों और उनके साथ मौजूद लोगों को गोली लगी। एक राहगीर भी फायरिंग की चपेट में आ गया।
दो भाइयों और राहगीर की मौत
इस घटना में जान गंवाने वालों की पहचान कारोबारी भाइयों मोहित गुप्ता और अंकित गुप्ता तथा कुणाल श्रीवास्तव के रूप में हुई है। गोली लगने से घायल रोज गुप्ता का इलाज कराया गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल मोहित गुप्ता को इलाज के लिए बरेली ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। अन्य दो लोगों की भी जान नहीं बचाई जा सकी।
मां के बयान से छलका परिवार का दर्द
दो बेटों को खोने के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। मां नन्ही देवी का दर्द उनके बयान में सामने आया। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि उन्हें इंसाफ चाहिए।
परिवार के लिए यह घटना ऐसा दुख छोड़ गई है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। मामले में अब पुलिस की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के जरिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होना अहम है।
पुलिस की कार्रवाई: मुख्य आरोपी समेत आठ गिरफ्तार
घटना के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी। 13 अक्टूबर को प्रकाशित अपडेट के अनुसार, मुख्य आरोपी कौशल गुप्ता समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। रिपोर्टों में घटनास्थल से हथियारों और अन्य सामान की बरामदगी की भी जानकारी दी गई है।
पुलिस विवाद की वजह, फायरिंग में शामिल लोगों की भूमिका और घटनाक्रम की जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।
हिसाब-किताब का विवाद कैसे बना जानलेवा?
अमरिया की यह घटना बताती है कि किसी समिति या आयोजन से जुड़े आर्थिक विवाद को समय रहते बातचीत और कानूनी प्रक्रिया से सुलझाना कितना जरूरी है। पुराने हिसाब-किताब को लेकर शुरू हुआ विवाद तीन परिवारों के लिए गहरा दुख लेकर आया।
अब सबकी नजर पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाई पर है। पीड़ित परिवार को न्याय मिलना और क्षेत्र में शांति बनाए रखना प्रशासन के सामने अहम जिम्मेदारी है।


