वाराणसी के श्रेया उपाध्याय हत्याकांड में मुख्य आरोपी विवेक चौबे की तलाश जारी है। पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए चार टीमें लगाई हैं। परिजनों का आरोप है कि करोड़ों की संपत्ति और श्रेया की शादी तय होने से नाराज होकर उसकी हत्या की गई। वाराणसी के मरुई गांव की रहने वाली श्रेया उपाध्याय की हत्या के मामले में 48 घंटे बाद भी मुख्य आरोपी विवेक चौबे पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। श्रेया एमएससी की पढ़ाई के साथ NEET की तैयारी कर रही थी। आरोप है कि बच्छांव स्थित एक कमरे के बाथरूम में उसकी गला रेतकर हत्या कर दी गई। परिजनों के मुताबिक, श्रेया अपने पिता सुनील उपाध्याय की इकलौती बेटी थी और उसके नाम पर करोड़ों रुपये की पारिवारिक संपत्ति थी। चचेरे भाई अंशुमन उपाध्याय का आरोप है कि विवेक चौबे को इस संपत्ति के हाथ से निकलने का डर था और इसी वजह से उसने श्रेया की हत्या की साजिश रची।परिजनों के मुताबिक, श्रेया अपने पिता सुनील उपाध्याय की इकलौती बेटी थी और उसके नाम पर करोड़ों रुपये की पारिवारिक संपत्ति थी। चचेरे भाई अंशुमन उपाध्याय का आरोप है कि विवेक चौबे को इस संपत्ति के हाथ से निकलने का डर था और इसी वजह से उसने श्रेया की हत्या की साजिश रची। बताया जा रहा है कि श्रेया NEET की तैयारी के दौरान फार्मेसी की पढ़ाई कर चुके विवेक चौबे से पढ़ाई में मदद लेती थी। श्रेया उसे अपना भाई मानती थी, लेकिन परिवार का आरोप है कि विवेक की नीयत उसके प्रति ठीक नहीं थी।इसी बीच श्रेया की शादी DRDO के एक अधिकारी से तय हो गई थी। नवंबर में उसकी सगाई और फरवरी में शादी प्रस्तावित थी। परिजनों का दावा है कि शादी तय होने के बाद विवेक को लगा कि श्रेया के विवाह के बाद उसके नाम की करोड़ों की संपत्ति पर उसका कोई अधिकार नहीं रहेगा। इसी लालच में हत्या को अंजाम देने का आरोप लगाया गया है



