
स्वराज इंडिया ब्यूरो/संजयन त्रिपाठी गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक एमएलसी चुनाव की तैयारी कर रहे थे। बीजेपी की ओर से टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने अपनी गाड़ी से पार्टी का झंडा उतार दिया था। इसके बाद उन्होंने बीजेपी से अलग होने का फैसला किया और अब समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए हैं। सपा में शामिल होने के साथ ही उन्हें पार्टी ने इसी सीट से चुनाव मैदान में उतार दिया है।संजयन त्रिपाठी को समाजवादी पार्टी में शामिल कराने में पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी की भूमिका बताई जा रही है। चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी ने संजयन त्रिपाठी की मुलाकात अखिलेश यादव से कराई। इसके बाद उन्होंने सपा की सदस्यता ग्रहण की। इसी के साथ अखिलेश यादव ने गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक एमएलसी सीट के लिए पहले घोषित किए गए कमलेश यादव का नाम वापस लेते हुए संजयन त्रिपाठी को नया उम्मीदवार घोषित कर दिया।गोरखपुर में संजयन त्रिपाठी के बीजेपी छोड़ने के घटनाक्रम को पार्टी की स्थानीय राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद खाली हुई गोरखपुर लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बीजेपी के कद्दावर नेता उपेंद्र त्रिपाठी को पार्टी ने उम्मीदवार बनाया था। वह चुनाव हार गए थे। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर उन्हें हराने का आरोप लगाया था और बाद में समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए थे। इसके बाद गोरखपुर में कई अन्य ब्राह्मण नेताओं ने भी बीजेपी छोड़ी थी।
संजयन त्रिपाठी के सपा में शामिल होने के बाद अब गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक एमएलसी सीट पर चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। बीजेपी ने इस सीट से ध्रुव कुमार त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाया है, जबकि समाजवादी पार्टी ने अब संजयन त्रिपाठी को मैदान में उतारा है। संजयन त्रिपाठी लंबे समय से शिक्षक राजनीति से जुड़े रहे हैं और इसी सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे।वहीं, समाजवादी पार्टी में पहले से ही हरिशंकर तिवारी का परिवार सक्रिय है। गोरखपुर के प्रमुख ब्राह्मण नेता रहे हरिशंकर तिवारी के बेटे विनय शंकर तिवारी इस समय सपा में हैं। संजयन त्रिपाठी को सपा में शामिल कराने में भी विनय शंकर तिवारी की भूमिका सामने आई है। ऐसे में संजयन त्रिपाठी के सपा में आने से गोरखपुर की राजनीति में एक नया समीकरण बनता दिखाई दे रहा है।अब गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक एमएलसी सीट पर बीजेपी और समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार आमने-सामने हैं। संजयन त्रिपाठी के बीजेपी छोड़कर सपा में शामिल होने और तुरंत उम्मीदवार बनाए जाने के बाद इस सीट का चुनावी मुकाबला चर्चा में आ गया है। आगामी दिनों में नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनावी तस्वीर और स्पष्ट होगी।


