
स्वराज इंडिया ब्यूरो/बलिया। उत्तर प्रदेश के बलिया में भाजपा से जुड़ी एक महिला नेता द्वारा पार्टी के जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा समेत चार लोगों पर लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद मामला चर्चा में है। महिला ने आरोप लगाया है कि उसके साथ यौन शोषण किया गया और कथित निजी वीडियो के जरिए उसे धमकाया गया। महिला का दावा है कि विरोध करने के बाद वीडियो प्रसारित कर दिए गए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
महिला ने जिलाध्यक्ष समेत चार लोगों पर लगाए आरोप
महिला ने खुद को भाजपा जिला कार्यसमिति की सदस्य बताते हुए आरोप लगाया कि जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा, जिला मंत्री आलोक सिंह मोनू तथा गणेश गुप्ता और अजीत मिश्रा चंदन से जुड़े लोगों ने उसका कथित तौर पर शोषण किया। महिला के अनुसार, उसे निजी वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर दबाव में रखा गया।
महिला का यह भी आरोप है कि जब उसने विरोध किया तो कथित वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिए गए। उसने मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए शपथपत्र के जरिए भी अपनी शिकायत रखने की बात कही है।

FIR में संजय मिश्रा का नाम होने की पुष्टि नहीं
मामले में उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, बांसडीह कोतवाली पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर भाजपा जिला मंत्री आलोक सिंह समेत तीन लोगों के खिलाफ निजी वीडियो के कथित प्रसारण से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार मामले की विवेचना जारी है।
दूसरी ओर महिला का आरोप है कि उसने अपनी शिकायत में संजय मिश्रा का नाम भी दिया था, लेकिन बाद में उनका नाम मामले से हटा दिया गया। उपलब्ध एफआईआर संबंधी रिपोर्टों में संजय मिश्रा का नाम आरोपी के रूप में दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की ओर से शिकायत में बदलाव के आरोप से इनकार किए जाने की भी रिपोर्ट है।
28 सितंबर को अदालत में हलफनामा देने का दावा
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक महिला ने 28 सितंबर को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में हलफनामा देकर भी आरोप लगाए। महिला ने शिकायत में संजय मिश्रा समेत अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है।
संजय मिश्रा ने आरोपों को बताया निराधार
भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा ने महिला के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं और किसी साजिश के तहत उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जांच में वास्तविक स्थिति सामने आ जाएगी और यदि कोई गलती हुई है तो कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
संजय मिश्रा ने यह भी कहा कि महिला भाजपा की जिला कार्यकारिणी की सदस्य है और उनके अनुसार वह महिला मोर्चा के जिलाध्यक्ष पद की आकांक्षी थीं। यह उनका पक्ष है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अब पुलिस जांच पर टिकी नजर
फिलहाल मामले में दो अलग-अलग पक्ष सामने हैं। महिला ने जिलाध्यक्ष समेत चार लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि संजय मिश्रा ने इन आरोपों से इनकार किया है। पुलिस के अनुसार तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। ऐसे में मामले में आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों और तथ्यों पर निर्भर करेगी।


