राष्ट्रीय शर्करा संस्थान, कानपुर और एडवांटा सीड्स हैदराबाद मिलकर विविध अनाजों से अल्कोहल बनाने के लिए विकल्प के रूप में स्वीट सोरगम और ग्रेन सोरगम के प्रयोग पर कार्य करेंगे
स्वराज इंडिया न्यूज ब्यूरो
कानपुर। राष्ट्रीय शर्करा संस्थान कानपुर और एडवांटा सीड्स, हैदराबाद ने कानपुर में एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। प्रो. डी. स्वाईन,निदेशक,राष्ट्रीय सरकार संस्थान,कानपुर एवं जैव रसायन विभाग प्रमुख,प्रो. (डॉक्टर) सीमा परोहा और डॉक्टर विलास टोनापी,तकनीकी सलाहकार,एडवांटा सीड्स, हैदराबाद की गरिमामयी उपस्थिति में एमओयू पर हस्ताक्षर हुये। इस अवसर पर राष्ट्रीय शर्करा संस्थान,कानपुर के अधिकारी और एडवांटा सीड्स, हैदराबाद के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। एमओयू की शर्तों के अनुसार राष्ट्रीय शर्करा संस्थान, कानपुर और एडवांटा सीड्स हैदराबाद विविध अनाजों से अल्कोहल बनाने के लिए विकल्प के रूप में स्वीट सोरगम और ग्रेन सोरगम के प्रयोग पर सहयोगात्मक अध्ययन करेंगे। इस कार्यक्रम के तहत राष्ट्रीय शर्करा संस्थान,कानपुर के फॉर्म में स्वीट सोरगम का उत्पादन करना और इसके विभिन्न भौतिक,रासायनिक मापदंडों का अध्ययन करना तथा स्वीट सोरगम और ग्रेन सोरगम के रस से जैव एथेनॉल उत्पादन की क्षमता का अध्ययन करना शामिल होगा। इस सहयोगात्मक अनुसंधान में ग्रेन सोरगम का बीयर उत्पादन की क्षमता के लिए भी अध्ययन किया जाएगा। यह एमओयू भविष्य के लिए एक स्थायी जैव ईंधन की दिशा में विकल्प के रूप में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है,जो भारत सरकार के एक अभियान एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम) कार्यक्रम के तहत देश में पेट्रोल में एथेनॉल के 20% मिश्रण के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद कर सकता है। यह कार्यक्रम अंतरर्राष्ट्रीय मुद्रा बचाने एवं पेट्रोल के आयात में कमी लाने के लिये भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है,जिसके तहत लक्ष्य की प्राप्ति पर सरकार काफी जोर दे रही है।राष्ट्रीय शर्करा संस्थान कानपुर के निदेशक प्रोफेसर डी. स्वाईन ने संस्थान और एडवांटा सीड्स के बीच संयुक्त रूप से अनुसंधानपरक कार्य के लिए शुभकामनाएं दीं। प्रो. सीमा परौहा ने एडवांटा सीड्स, हैदराबाद से पधारे वैज्ञानिकों को धन्यवाद ज्ञापित किया।


