
स्वराज इंडिया ब्यूरो/देहरादून/लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की उत्तराखंड के लोगों को लेकर की गई टिप्पणी पर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे राज्य के लोगों के स्वाभिमान और अलग राज्य के लिए किए गए संघर्ष का अपमान बताया। धामी ने अखिलेश यादव से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग भी की।
क्या बोले थे अखिलेश यादव?
यह विवाद 23 अक्टूबर को लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिए गए अखिलेश यादव के बयान के बाद शुरू हुआ। घुसपैठियों से जुड़े राजनीतिक सवाल पर उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सबसे बड़े घुसपैठिए उत्तराखंड के लोग हैं। उनकी इस टिप्पणी को उत्तराखंड से संबंध रखने वाले लोगों के संदर्भ में देखा गया और इसके बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
सीएम धामी ने रामपुर तिराहा गोलीकांड का किया जिक्र
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव के बयान का वीडियो साझा करते हुए उत्तराखंड को देवभूमि और वीरभूमि बताया। उन्होंने कहा कि इस राज्य ने देश को संत, सैनिक और राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित अनेक व्यक्तित्व दिए हैं। उनके मुताबिक, उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया कहना उनके सम्मान, संघर्ष और बलिदान का अपमान है।
धामी ने अपने बयान में वर्ष 1994 के रामपुर तिराहा गोलीकांड का भी उल्लेख किया। उन्होंने याद दिलाया कि उस समय उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री थे और अलग उत्तराखंड राज्य की मांग कर रहे आंदोलनकारियों पर मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा में गोलीबारी हुई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के लोग राज्य निर्माण के आंदोलन में हुए संघर्ष और बलिदान को नहीं भूले हैं। उन्होंने अखिलेश यादव से अपने बयान पर सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की।
कांग्रेस से भी मांगा जवाब
इस विवाद में धामी ने कांग्रेस को भी घेरा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस अपने राजनीतिक सहयोगी अखिलेश यादव की टिप्पणी का समर्थन करती है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस से उत्तराखंड की जनता के सामने अपना रुख स्पष्ट करने को कहा।
सपा ने दी सफाई, कहा— टिप्पणी का आशय अलग था
विवाद बढ़ने के बाद समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता और उत्तराखंड प्रभारी राजेंद्र चौधरी ने सफाई दी कि अखिलेश यादव की टिप्पणी उत्तराखंड के सभी लोगों के लिए नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के संदर्भ में थी। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव उत्तराखंड के लोगों का सम्मान करते हैं और उनका राज्य से भावनात्मक जुड़ाव है।
इस तरह एक राजनीतिक बयान ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अब विवाद के केंद्र में बयान का आशय, उत्तराखंड के लोगों के सम्मान का सवाल और विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं हैं।
निष्कर्ष: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टिप्पणी को उत्तराखंड के स्वाभिमान का अपमान बताया है, जबकि समाजवादी पार्टी ने कहा है कि बयान का आशय पूरे उत्तराखंड के लोगों को निशाना बनाना नहीं था। दोनों पक्षों के बयानों के बीच यह मामला राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है।


