
‘नगाड़ा नाइट’ विवाद ने पकड़ा कानूनी तूल | आयोजकों का दावा—45 मिनट की परफॉर्मेंस के बजाय करीब 12 मिनट में छोड़ा मंच | अंजलि ने सुरक्षा और बदइंतजामी पर उठाए थे सवाल
कानपुर। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अंजलि अरोड़ा और कानपुर में आयोजित ‘नगाड़ा नाइट’ के आयोजकों के बीच विवाद अब कानूनी नोटिस तक पहुंच गया है। 15 अक्टूबर को लाजपत भवन लॉन में हुए डांडिया कार्यक्रम के दौरान मंच छोड़कर जाने के बाद दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। आयोजकों ने अंजलि अरोड़ा और उनकी मैनेजर को ₹1.20 करोड़ का कानूनी नोटिस भेजने का दावा किया है। साथ ही सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और कथित नुकसान की भरपाई करने की मांग की है।
आयोजक आशीष कुमार का आरोप है कि अंजलि ने तय कार्यक्रम पूरा नहीं किया और बाद में कानपुर के लोगों तथा आयोजन की व्यवस्थाओं को लेकर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शहर की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली टिप्पणी स्वीकार नहीं की जाएगी। हालांकि, ये आयोजकों के आरोप हैं; विवाद के सभी पहलुओं की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
‘कानपुर के लोगों से माफी मांगें’—आयोजक की मांग
आयोजक आशीष कुमार के मुताबिक, अंजलि अरोड़ा को कार्यक्रम में प्रस्तुति देने के लिए बुलाया गया था। उनका दावा है कि कलाकार के साथ करीब 45 मिनट की परफॉर्मेंस और प्रायोजकों को सम्मानित करने की सहमति बनी थी, लेकिन कार्यक्रम में अपेक्षित प्रस्तुति नहीं हुई।
आशीष कुमार ने कहा कि यदि अंजलि को आयोजन की व्यवस्था या किसी व्यक्ति के व्यवहार से परेशानी थी, तो मंच पर या आयोजकों के साथ बातचीत करके शिकायत रखी जा सकती थी। आयोजकों की मांग है कि अंजलि सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और कथित नुकसान की भरपाई करें।

₹1.20 करोड़ के नोटिस में क्या है?
आयोजकों की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता करीम अहमद सिद्दीकी के अनुसार, कानूनी नोटिस में कुल ₹1.20 करोड़ की क्षतिपूर्ति मांगी गई है। इसमें ₹20 लाख कथित आर्थिक नुकसान और ₹1 करोड़ सामाजिक, व्यावसायिक तथा मानसिक प्रतिष्ठा को पहुंचे नुकसान के लिए मांगे गए हैं।
अधिवक्ता के मुताबिक, अंजलि के कार्यक्रम के लिए ₹3 लाख में बुकिंग तय हुई थी। आयोजकों का दावा है कि इसमें से ₹2.75 लाख पहले अलग-अलग खातों में भेजे गए और शेष राशि का भुगतान कार्यक्रम के दिन किया गया। यात्रा, ठहरने और अन्य व्यवस्थाओं पर हुए खर्च का भी आयोजकों ने हवाला दिया है।
यह राशि फिलहाल आयोजकों की मांग है। कानूनी नोटिस भेजे जाने मात्र से क्षतिपूर्ति की रकम देय साबित नहीं होती। इस पर आगे की स्थिति संबंधित पक्षों के जवाब और कानूनी प्रक्रिया से तय होगी।
कमरे में प्रवेश और सुरक्षा को लेकर भी विवाद
अंजलि अरोड़ा ने अपने पक्ष में जारी वीडियो में कानपुर पहुंचने से लेकर होटल और कार्यक्रम स्थल तक की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए थे। उन्होंने दावा किया था कि होटल में उनके कमरे तक कई लोग पहुंचे और कुछ लोगों के व्यवहार से वह असहज महसूस करने लगी थीं।
इसके उलट, आयोजक आशीष कुमार का कहना है कि होटल में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे और किसी के लिए भी बिना अनुमति कमरे में प्रवेश करना आसान नहीं था। उन्होंने कमरे के बाहर बाउंसर और अंजलि की टीम के सदस्यों की मौजूदगी का भी जिक्र किया।
कमरे में कौन गया, किसकी अनुमति थी और सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी—इन सवालों पर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं। इनकी पुष्टि उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित पक्षों की जांच-पड़ताल से ही हो सकेगी।
‘कच्चा बादाम’ गाने पर क्या हुआ था?
15 अक्टूबर को आयोजित कार्यक्रम से सामने आए वीडियो में ‘कच्चा बादाम’ गाना बजने के दौरान अंजलि अरोड़ा डीजे की ओर जाती दिखाई दी थीं। इसके बाद मंच पर नाराजगी और आयोजन प्रबंधन को बुलाने की बात सामने आई। कुछ ही देर बाद वह कार्यक्रम से चली गईं।
आयोजकों का आरोप है कि अंजलि करीब 12 से 15 मिनट ही मंच पर रहीं, जबकि लंबी प्रस्तुति तय थी। उनका दावा है कि इस घटनाक्रम से दर्शकों और प्रायोजकों में नाराजगी हुई तथा आयोजन प्रभावित हुआ।
वहीं, अंजलि ने अपने वीडियो में कहा था कि उनकी नाराजगी पूरे कानपुर शहर या यहां के लोगों से नहीं थी। उन्होंने अव्यवस्थाओं और अपने साथ हुए कथित व्यवहार को कार्यक्रम छोड़ने की वजह बताया था। इसलिए विवाद को केवल गाना बजने से जोड़कर देखना पूरे घटनाक्रम की तस्वीर नहीं पेश करता।
आयोजकों ने पुलिस में भी दी शिकायत
मामले में आयोजकों ने स्वरूप नगर थाने में शिकायत देने की बात कही है। उन्होंने आरोप लगाया कि तय शर्तों के अनुसार कार्यक्रम पूरा नहीं किया गया, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ। आयोजक पक्ष ने कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाने की बात भी कही है।
हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर इस चरण पर किसी एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि नहीं की जा सकती। पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई और शिकायत की स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।
अब आगे क्या होगा?
अंजलि अरोड़ा और आयोजकों के बीच विवाद अब भुगतान, कार्यक्रम की शर्तों, सुरक्षा और शहर की छवि से जुड़े आरोपों तक फैल चुका है। आयोजक लिखित माफी और ₹1.20 करोड़ की क्षतिपूर्ति मांग रहे हैं, जबकि अंजलि पहले ही अपने पक्ष में सुरक्षा और व्यवस्था से जुड़े सवाल उठा चुकी हैं।
अब यह देखना अहम होगा कि कानूनी नोटिस पर अंजलि और उनकी टीम क्या जवाब देती है, पुलिस शिकायत पर क्या कार्रवाई होती है और दोनों पक्षों के दावों के समर्थन में कौन से साक्ष्य सामने आते हैं। फिलहाल विवाद में लगाए गए आरोपों को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।


