Saturday, October 10, 2026
Homeराज्यउत्तर प्रदेशराज्यसभा टिकट नहीं मिला तो धर्मेंद्र कश्यप ने छोड़ी BJP, बोले—पिछड़े समाज...

राज्यसभा टिकट नहीं मिला तो धर्मेंद्र कश्यप ने छोड़ी BJP, बोले—पिछड़े समाज को सम्मान नहीं मिला

UP Politics: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए टिकट नहीं मिलने के बाद आंवला के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्राथमिक और सक्रिय सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। 9 अक्टूबर को सामने आए घटनाक्रम के बाद रुहेलखंड की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। धर्मेंद्र कश्यप ने पार्टी संगठन पर पिछड़े और अति पिछड़े समाज को उचित सम्मान नहीं देने का आरोप लगाया है।

इस्तीफे में पार्टी संगठन पर लगाए आरोप

धर्मेंद्र कश्यप ने अपने इस्तीफे में कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी के खिलाफ काम करने वाले नेताओं को संगठन में अहम स्थान मिला, जबकि पिछड़े और अति पिछड़े समाज को अपेक्षित सम्मान और जगह नहीं दी गई।

उन्होंने इसी असंतोष को पार्टी छोड़ने की वजह बताया। उनका कहना है कि संगठन के भीतर ऐसे लोगों को प्राथमिकता मिलना, जिन्होंने चुनाव के दौरान पार्टी को कमजोर किया, उनके लिए निराशाजनक रहा।

‘टाटा-बाय-बाय’ पोस्ट से शुरू हुई थी चर्चा

राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची जारी होने के बाद 7 अक्टूबर को धर्मेंद्र कश्यप ने सोशल मीडिया पर ‘टाटा-बाय-बाय’ लिखकर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। उस समय उन्होंने सीधे तौर पर पार्टी छोड़ने की घोषणा नहीं की थी, लेकिन उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं।

बाद में उन्होंने पार्टी से अलग होने का फैसला किया। उनके इस्तीफे को राज्यसभा टिकट नहीं मिलने और वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद संगठन के भीतर कथित उपेक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है।

कौन हैं धर्मेंद्र कश्यप

धर्मेंद्र कश्यप बरेली जिले की आंवला लोकसभा सीट से वर्ष 2014 और 2019 में लगातार दो बार सांसद चुने गए थे। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार नीरज मौर्य से हार का सामना करना पड़ा था।

इसके बाद से ही क्षेत्रीय संगठन और चुनाव के दौरान अपने विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने को लेकर उनकी नाराजगी की चर्चा रही है।

BJP ने बरेली क्षेत्र से किन्हें दिया राज्यसभा टिकट

उत्तर प्रदेश की राज्यसभा सीटों के लिए BJP ने आठ उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था। इनमें कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह और श्रुति गंगवार के नाम भी शामिल थे। श्रुति गंगवार पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार की बेटी हैं।

9 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश की सभी दस राज्यसभा सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा हुई। इनमें BJP के आठ और समाजवादी पार्टी के दो उम्मीदवार शामिल हैं। धर्मेंद्र कश्यप का नाम BJP की सूची में नहीं था।

सपा में जाने की चर्चा तेज, बेटी के चुनाव को लेकर भी दावा

धर्मेंद्र कश्यप के इस्तीफे के बाद उनके समाजवादी पार्टी में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से बातचीत की बात स्वीकार की है और जल्द सपा में शामिल होने के संकेत दिए हैं।

रिपोर्टों में उनकी बेटी कीर्ति कश्यप के आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बिथरी चैनपुर सीट से सपा उम्मीदवार बनने की संभावना का भी उल्लेख है। हालांकि, इस चुनावी दावे को पार्टी की आधिकारिक उम्मीदवारी की घोषणा से अलग समझना चाहिए।

2027 के चुनाव से पहले बढ़ सकती है राजनीतिक हलचल

उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव से पहले नेताओं के दल बदलने और टिकट को लेकर असंतोष की घटनाएं राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बन रही हैं। धर्मेंद्र कश्यप का इस्तीफा भी इसी संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अब सबकी नजर उनके औपचारिक रूप से समाजवादी पार्टी में शामिल होने और आगे की राजनीतिक रणनीति पर रहेगी। वहीं, पिछड़े और अति पिछड़े समाज को सम्मान नहीं मिलने संबंधी उनके आरोपों पर BJP की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर तस्वीर और स्पष्ट होगी।

निष्कर्ष: राज्यसभा टिकट से वंचित रहने के बाद धर्मेंद्र कश्यप ने BJP से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने संगठन में पिछड़े और अति पिछड़े समाज की उपेक्षा का आरोप लगाया है। सपा में शामिल होने और उनकी बेटी के चुनाव लड़ने को लेकर चर्चाएं जारी हैं, जिन पर आगे की आधिकारिक घोषणाओं से स्थिति स्पष्ट होगी।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments

error: Content is protected !!