
स्वराज इंडिया ब्यूरो/ बुलंदशहर | अपडेट: 2 अक्टूबर 2026
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में CRPF जवान देवदर्शन उर्फ दर्शन, उनकी पत्नी जान्ह्वी उर्फ रमा और यूपी पुलिस के सिपाही सनी यादव से जुड़ा विवाद चर्चा में रहा है। शुरुआत में जवान ने आरोप लगाया था कि उनकी पत्नी को खानपुर थाने में तैनात सिपाही सनी यादव बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। हालांकि, इसके बाद पत्नी ने सामने आकर शादी और वैवाहिक जीवन को लेकर अलग दावे किए। सनी यादव ने भी अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया था। मामले में पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों की जांच कर रही थी।
क्या है पूरा मामला
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, बुलंदशहर जिले के गुलावठी थाना क्षेत्र के रहने वाले CRPF जवान देवदर्शन की शादी 14 मई 2026 को रमा उर्फ जान्ह्वी से हुई थी। जवान का कहना था कि शादी के बाद वह ड्यूटी पर लौट गए थे। इसके बाद 16 जून को उनकी पत्नी घर से चली गईं।
देवदर्शन ने आरोप लगाया कि खानपुर थाने में तैनात यूपी पुलिस के सिपाही सनी यादव उनकी पत्नी को अपने साथ ले गए। इस संबंध में उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय पहुंचकर शिकायत की और कार्रवाई की मांग की थी।
पत्नी जान्ह्वी ने लगाए अलग आरोप
मामले में नया मोड़ तब आया जब जान्ह्वी ने अपनी ओर से अलग पक्ष रखा। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि उनकी शादी उनकी इच्छा के विरुद्ध कराई गई थी। उन्होंने अपने पति पर मारपीट, मानसिक उत्पीड़न और धमकी देने के आरोप भी लगाए।
महिला ने यह भी कहा कि वह अपनी इच्छा से पति का घर छोड़कर गई थीं। इस तरह मामला केवल पत्नी को ले जाने के आरोप तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वैवाहिक संबंध और महिला की सुरक्षा से जुड़े आरोप भी सामने आए। ये आरोप हैं, जिनकी पुष्टि जांच और संबंधित साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकती है।
सिपाही सनी यादव ने क्या कहा
रिपोर्टों के अनुसार, यूपी पुलिस के सिपाही सनी यादव ने देवदर्शन की ओर से लगाए गए आरोपों को गलत बताया था। उन्होंने महिला से किसी तरह के संबंध होने से इनकार किया और खुद को मामले में फंसाए जाने की बात कही थी।
इसलिए मामले में तीन अलग-अलग पक्ष सामने आए—CRPF जवान की शिकायत, पत्नी के आरोप और सिपाही का पक्ष। किसी भी पक्ष के दावे को अंतिम सच मानने से पहले जांच के निष्कर्षों का इंतजार करना जरूरी है।
पुलिस जांच पर टिकी नजरें
इस मामले में दोनों पक्षों की शिकायतों और बयानों के आधार पर मामले में आगे की जांच स्थिति संबंधित पुलिस अधिकारियों के आधिकारिक बयान और जांच की प्रगति से स्पष्ट होगी।


