
KDA में भ्रष्टाचार पर बड़ा एक्शन, तीन कर्मचारियों पर गिरी गाज
स्वराज इंडिया ब्यूरो/कानपुर। कानपुर विकास प्राधिकरण यानी KDA में अनियमितताओं और कथित भ्रष्टाचार से जुड़े अलग-अलग मामलों की जांच के बाद तीन कर्मचारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। KDA उपाध्यक्ष अंकुर कौशिक के स्तर से हुई कार्रवाई में एक कर्मचारी को सेवा से बर्खास्त किया गया, दूसरे को निलंबित किया गया, जबकि तीसरे को स्थायी रूप से पदावनत किया गया है।

फ्रीहोल्ड रजिस्ट्री में गड़बड़ी, लिपिक बर्खास्त
सबसे कड़ी कार्रवाई द्वितीय श्रेणी लिपिक प्रदीप कुमार सविता के खिलाफ हुई। रिपोर्ट के मुताबिक मुखर्जी विहार के कुछ भूखंडों की फ्रीहोल्ड रजिस्ट्री में तथ्यों को छिपाकर और गलत तरीके से प्रस्तुत कर फ्रीहोल्ड डीड कराने के मामले की जांच हुई। जांच रिपोर्टों के आधार पर उन्हें दोषी पाए जाने के बाद सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।
KDA से जुड़ी रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले में कई स्तर पर जांच की गई, जिसके बाद KDA सचिव अभय कुमार पांडेय की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ी।
भूखंड को रिक्त दिखाकर ई-ऑक्शन कराने का मामला
दूसरी कार्रवाई वरिष्ठ लिपिक कश्यप कांत दुबे के खिलाफ हुई। रिपोर्ट के मुताबिक स्वराज नगर पनकी की योजना संख्या 40 में एक भूखंड को रिक्त दर्शाए जाने के बाद उसका ई-ऑक्शन कर दिया गया और वह दूसरे व्यक्ति को आवंटित हो गया। इस मामले में दुबे को निलंबित कर विभागीय जांच के निर्देश दिए गए हैं।
अब यह भी जांचा जा रहा है कि पहले से रजिस्टर्ड भूखंड को रिकॉर्ड में रिक्त कैसे दर्शाया गया। KDA ने इस पहलू की जांच के लिए वित्त नियंत्रक को जांच अधिकारी नामित किया है।
12 लाख रुपये मांगने के मामले में अमीन का डिमोशन
तीसरी कार्रवाई अमीन संतोष कुमार के खिलाफ हुई। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि न्यू कानपुर सिटी में काश्तकार को मुआवजा देने के बदले 12 लाख रुपये की मांग की गई और भुगतान से जुड़ी अनियमितता सामने आई। जांच के बाद संतोष कुमार को अमीन पद के मूल वेतनमान पर स्थायी रूप से पदावनत किया गया।
KDA में पुराने प्लॉट फर्जीवाड़े की जांच भी जारी
KDA में भूखंडों से जुड़े फर्जीवाड़े की जांच पहले भी हो चुकी है। रिपोर्ट के मुताबिक 2022 में 13 भूखंडों से जुड़े मामले की जांच के आदेश दिए गए थे और उस दौरान कई लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हुई थी। ताजा कार्रवाई उसी व्यापक जांच और अलग-अलग मामलों में सामने आई अनियमितताओं के संदर्भ में हुई है।
KDA की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार प्राधिकरण के मौजूदा उपाध्यक्ष अंकुर कौशिक और सचिव अभय कुमार पांडेय हैं।
कार्रवाई से KDA में हड़कंप
तीन अलग-अलग मामलों में हुई इस कार्रवाई को KDA में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं के खिलाफ सख्त कदम के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि संबंधित मामलों में लगाए गए आरोपों और जांच के निष्कर्षों को संबंधित विभागीय रिकॉर्ड और जांच रिपोर्ट के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।


