
कानपुर देहात। घाटमपुर थाना क्षेत्र के भदरस गांव स्थित प्राचीन राधा-कृष्ण मंदिर से जुड़ा एक मामला जन्माष्टमी के अवसर पर फिर चर्चा में है। करीब 18 वर्ष पहले मंदिर से चोरी हुई अष्टधातु की राधारानी समेत अन्य मूर्तियां बरामद होने के बाद से पुलिस के मालखाने में रखे होने की बात सामने आई है। स्थानीय श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदिर में जन्माष्टमी का उत्सव मनाया जाता है, लेकिन प्राचीन राधारानी की मूर्ति मंदिर में नहीं होने से उन्हें कमी महसूस होती है।
2008 में मंदिर से चोरी हुई थीं मूर्तियां
स्थानीय जानकारी के मुताबिक वर्ष 2008 में भदरस गांव के प्राचीन राधा-कृष्ण मंदिर में चोरी हुई थी। चोर मंदिर में स्थापित अष्टधातु की राधारानी की मूर्ति समेत कई छोटी प्रतिमाएं ले गए थे। तत्कालीन सर्वराकार प्रकाश चंद्र खरे की तहरीर पर घाटमपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस ने जांच के दौरान आरोपियों को गिरफ्तार किया और चोरी गई मूर्तियां बरामद की थीं। इसके बाद राधारानी समेत अन्य प्रतिमाओं को पुलिस मालखाने में सुरक्षित रखे जाने की जानकारी सामने आई।
आरोपियों को जमानत मिली, मूर्तियां अब भी मालखाने में
स्थानीय लोगों के अनुसार चोरी के मामले में गिरफ्तार आरोपियों को बाद में अदालत से जमानत मिल गई, लेकिन बरामद मूर्तियां मंदिर में वापस स्थापित नहीं हो सकीं। श्रद्धालुओं का कहना है कि जन्माष्टमी और अन्य प्रमुख पर्वों के दौरान उन्हें इस स्थिति की विशेष रूप से याद आती है।
स्थानीय पुजारी राजेश खरे और ग्रामीण भक्तों के मुताबिक मंदिर में जन्माष्टमी के दौरान रातभर भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजन होते हैं। हालांकि प्राचीन राधारानी की मूर्ति के मंदिर में नहीं होने को लेकर भक्तों में कसक बनी हुई है।
पुलिस ने कोर्ट से रिलीज कराने की बात कही
घाटमपुर पुलिस की ओर से पूर्व में कहा गया था कि मंदिर के सर्वराकार को अदालत में प्रार्थना पत्र देकर मूर्ति रिलीज कराने की प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए। 2024 में प्रकाशित रिपोर्टों में भी पुलिस अधिकारी ने इसी तरह की प्रक्रिया का उल्लेख किया था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर की मूर्तियों को धार्मिक विधि-विधान और सुरक्षा व्यवस्था के साथ दोबारा स्थापित कराने की प्रक्रिया जल्द पूरी होनी चाहिए।
विधायक ने उठाने की बात कही थी मांग
घाटमपुर विधायक सरोज कुरील ने भी पूर्व में मूर्तियों को मंदिर में वापस स्थापित कराने के लिए संबंधित विभाग और अधिकारियों के समक्ष मामला रखने की बात कही थी। स्थानीय लोगों के अनुसार मंदिर की प्राचीन मूर्तियों को वापस लाने की मांग लगातार उठती रही है।
मंदिर में जन्माष्टमी पर विशेष आयोजन
जन्माष्टमी के अवसर पर भदरस स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और जन्मोत्सव कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की पूजा कर उनके जन्मोत्सव को उत्साह के साथ मनाते हैं। वहीं, प्राचीन राधारानी की मूर्ति के मंदिर में वापस आने का इंतजार स्थानीय भक्तों के बीच अब भी बना हुआ है।


