
स्वराज इंडिया ब्यूरो/ उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए शुरू की गई एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है, ताकि वे बिना किसी आर्थिक बाधा के प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकें।मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की शुरुआत फरवरी 2021 में की गई थी। प्रारंभिक चरण में मंडल मुख्यालयों पर कोचिंग केंद्र स्थापित किए गए। इसके साथ ही छात्रों को ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से भी पढ़ाई की सुविधा दी गई, जिससे वे घर बैठे विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त कर सकें।
योजना के तहत संघ लोक सेवा आयोग यानी UPSC, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग यानी UPPSC, संयुक्त प्रवेश परीक्षा JEE Main, राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा NEET, राष्ट्रीय रक्षा अकादमी NDA और संयुक्त रक्षा सेवा CDS जैसी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है। इसके अलावा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी विद्यार्थियों को आवश्यक शैक्षणिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना में कक्षा आधारित शिक्षण के साथ ऑनलाइन माध्यम को भी महत्व दिया गया है। छात्रों को विषयवार अध्ययन सामग्री, परीक्षा पैटर्न, प्रश्नपत्र हल करने की रणनीति और समय प्रबंधन से संबंधित मार्गदर्शन दिया जाता है। योजना से जुड़े केंद्रों पर विषय विशेषज्ञों और अनुभवी सरकारी अधिकारियों को भी शिक्षण तथा मार्गदर्शन की जिम्मेदारी से जोड़ा गया है।
इस योजना के माध्यम से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नियमित कक्षाओं और परीक्षा की बेहतर तैयारी का अवसर मिलता है। सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश के अधिक से अधिक छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होकर प्रशासनिक, तकनीकी, चिकित्सा और रक्षा सेवाओं में अपना भविष्य बना सकें।


