
प्रमुख संवाददाता स्वराज इंडिया, कानपुर। अपने पति की मौत के बाद उनके शस्त्र को लेने के लिए वर्षों पहले किए गए आवेदन पर रामनवमी के दिन डीएम ने शस्त्र लाइसेंस देने का फैसला किया। इस दौरान महिलाएं भावुक हो गईं। कानपुर डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने रामनवमी के मौके पर कलेक्ट्रेट में 9 महिलाओं को वरासत श्रेणी के शस्त्र लाइसेंस सौंपे।
डीएम ने जानकारी देते हुए बताया कि बूली तिवारी ने पति स्व आजाद कुमार तिवारी की रिवाल्वर को वरासत में लेने के लिए 8 साल पहले आवेदन किया था। लेकिन शस्त्र लाइसेंस न बनने की वजह से आवेदन पेंडिंग था। आज डीएम ने शस्त्र लाइसेंस सौंपा तो वो भावुक हो गईं।
नारी सुरक्षा भावना के तहत दिए गए शस्त्र लाइसेंस
डीएम ने बताया कि नारी सुरक्षा की नीति के अंतर्गत आज कलेक्ट्रेट सभागार में रामनवमी के उपलक्ष्य पर देवी स्वरूप 9 महिलाओं को वरासत के लाइसेंस वितरित किए गए हैं। इससे नारी सुरक्षा व नारी सम्मान को बढ़ावा मिलेगा। आज उनके परिवारजनों को ही लाइसेंस वरासत में मिले हैं, जिनमें 8 महिलाओं के पति की मृत्यु बाद और एक महिला को उनके ससुर ने उनको दिया है।
डीएम ने नसीहत भी दी
डीएम ने महिलाओं को शस्त्र लाइसेंस और इसकी गंभीरता को भी बताया। उन्होंने बताया कि इसका गलत इस्तेमाल बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए।सार्वजनिक या आवेश में आकर इसका प्रदर्शन भी कभी नहीं करना है। अनावश्यक दुरुपयोग कभी नहीं होना चाहिए।

इनको दिए गए शस्त्र लाइसेंस
- रितु सिंह पत्नी स्व दीपेंद्र सिंह
- विभा द्विवेदी पत्नी स्व शिव प्रकाश द्विवेदी
- बुली तिवारी पत्नी स्व आजाद कुमार तिवारी
- कुलविंदर कौर पत्नी स्व हरदीप कौर
- फिरदौस कटियार पत्नी स्व विवेक कुमार कटियार
- सरला सिंह पत्नी स्व प्रेम सिंह
- अल्पना बाजपेई पत्नी स्व अनिल बाजेपई
- ओमसिया पत्नी स्व अंकित सिंह
- सुलभा अग्निहोत्री पत्नी नितिन अग्निहोत्री (सुसर स्व अशोक कुमार का शस्त्र लाइसेंस दिया गया)


