
लखनऊ। कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में आरोपी मॉडल श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी नहीं होने के बीच लखनऊ पुलिस विभाग में प्रशासनिक बदलाव किए गए हैं। हजरतगंज के इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को लाइन हाजिर किया गया, DCP सेंट्रल विक्रांत वीर को पद से हटाया गया और ACP हजरतगंज रजनीश वर्मा को भी नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों के बीच पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती मामले के आरोपियों को तलाशना और मौत से जुड़े तथ्यों की जांच पूरी करना है।
इंस्पेक्टर, DCP और ACP की जिम्मेदारियों में बदलाव
शिवा शर्मा मामले में पुलिस की कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठने के बाद विभाग में लगातार बदलाव हुए हैं। सबसे पहले हजरतगंज थाने के प्रभारी इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को लाइन हाजिर किया गया। इसके बाद DCP सेंट्रल विक्रांत वीर को उनके पद से हटाकर DGP मुख्यालय से संबद्ध किए जाने की खबर सामने आई।
इसके बाद ACP हजरतगंज रजनीश वर्मा को भी उस पद से हटाया गया। उनकी जगह ACP कैसरबाग रहे अभिषेक पांडेय को हजरतगंज सर्किल की जिम्मेदारी दी गई, जबकि रजनीश वर्मा को ACP क्राइम बनाया गया। इन बदलावों को मामले की जांच और पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों के बीच अहम घटनाक्रम माना जा रहा है।
क्या है शिवा शर्मा की मौत का मामला?
शिवा शर्मा की 9 अक्टूबर 2026 को लखनऊ के हजरतगंज क्षेत्र स्थित अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी। वह कैफे और रेस्टोरेंट कारोबार से जुड़े थे। घटना के बाद उनके परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए गंभीर आरोप लगाए। पुलिस ने मामले में श्रद्धा दुबे, उनकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर तनवीर अली को आरोपी बनाया है।
पुलिस के अनुसार, तीनों की तलाश जारी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए घोषित इनाम भी बढ़ाकर 50 हजार रुपये प्रति व्यक्ति किए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले में जांच एजेंसियां उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य जानकारियों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।
मीडिया के सामने आईं श्रद्धा, लेकिन गिरफ्तारी अब भी बाकी
श्रद्धा दुबे ने मीडिया के सामने आकर खुद को निर्दोष बताया था। उन्होंने दावा किया कि शिवा शर्मा की मौत उनके सामने हुई और घटनास्थल के CCTV फुटेज से घटना की परिस्थितियां स्पष्ट हो सकती हैं। उन्होंने हत्या के आरोपों को नकारा है।
हालांकि, श्रद्धा के बयान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उनके दावों और परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच पुलिस कर रही है। किसी आरोपी का बयान अपने आप में मामले का अंतिम निष्कर्ष नहीं होता; साक्ष्यों और जांच के आधार पर ही सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस के सामने अब क्या चुनौती?
लगातार प्रशासनिक बदलावों के बीच पुलिस के सामने आरोपियों का पता लगाने, उन्हें कानून के सामने पेश करने और शिवा शर्मा की मौत से जुड़े घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की चुनौती है। साथ ही यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि घटना के समय क्या हुआ था और इसमें किसकी क्या भूमिका रही।
फिलहाल, पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव और आरोपियों की तलाश इस मामले के प्रमुख घटनाक्रम हैं। आगे की कार्रवाई और जांच से जुड़े आधिकारिक अपडेट पर नजर रहेगी।


