Saturday, October 3, 2026
Homeराज्यउत्तर प्रदेशलखनऊ में सपा कार्यकर्ताओं पर पुलिस की कार्रवाई, पुलिसवाले सपाइयों को कंधे-गोद...

लखनऊ में सपा कार्यकर्ताओं पर पुलिस की कार्रवाई, पुलिसवाले सपाइयों को कंधे-गोद में उठाकर ले गए:कइयों को सड़क पर घसीटा

लखनऊ में सपा कार्यकर्ताओं पर पुलिस की कार्रवाई, कंधे पर उठाकर ले गए जवान; अस्थिकलश यात्रा के दौरान झड़प

स्वराज इंडिया ब्यूरो/ लखनऊ, 2 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे समाजवादी पार्टी (सपा) के

कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हो गई। सपा कार्यकर्ता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक ‘अस्थिकलश यात्रा’ निकालते हुए विधानसभा की ओर बढ़ रहे थे। हजरतगंज में पुलिस ने उन्हें रोक दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की हुई और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया। उन्हें बाद में ईको गार्डन ले जाया गया।

जनपथ मार्केट से विधानसभा की ओर जा रहे थे कार्यकर्ता

जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे सपा कार्यकर्ता जनपथ मार्केट के पास एकत्र हुए। वे चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विधानसभा की ओर मार्च करना चाहते थे। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर सवाल उठाए तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगाए।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता प्रतीकात्मक अस्थिकलश लेकर चल रहे थे। हजरतगंज में पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद मौके पर तनाव बढ़ गया और पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक व धक्का-मुक्की होने लगी।

कंधे और गोद में उठाकर हटाए गए प्रदर्शनकारी

पुलिस की कार्रवाई के दौरान कुछ महिला और पुरुष कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए और लेटकर विरोध करने लगे। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें वहां से हटाकर हिरासत में लेना शुरू किया। सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, कुछ कार्यकर्ताओं को उठाकर पुलिस वाहन तक ले जाया गया, जबकि कुछ को घसीटते हुए वैन तक पहुंचाया गया।

प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर अभद्रता करने और कपड़े फाड़ने के आरोप भी लगाए। हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस का विस्तृत पक्ष और घटना के संबंध में किसी स्वतंत्र जांच का निष्कर्ष उपलब्ध रिपोर्टों में स्पष्ट नहीं है।

‘वोट चोरी’ का आरोप लगाकर चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन

सपा कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कथित ‘वोट चोरी’ के विरोध में यह प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की। ये आरोप प्रदर्शनकारियों के हैं; इन्हें प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी दलों की ओर से हाल के दिनों में भी विरोध प्रदर्शन किए गए हैं। लखनऊ में 28 सितंबर को सपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया था, जिसमें पुलिस ने बैरिकेडिंग कर मार्च रोका और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया था।

हिरासत के बाद ईको गार्डन ले जाए गए कार्यकर्ता

हजरतगंज में प्रदर्शनकारियों को रोकने और हिरासत में लेने के बाद उन्हें ईको गार्डन ले जाया गया। फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं की कुल संख्या और पुलिस की ओर से लगाए गए संभावित आरोपों की पूरी जानकारी स्पष्ट नहीं है।

इस घटना ने एक बार फिर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक विरोध और प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को चर्चा में ला दिया है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments

error: Content is protected !!