
कानपुर में गड्ढामुक्त सड़कों पर सख्ती, ठेकेदार पर 20 लाख का जुर्माना, मरम्मत में तेजी के निर्देश
स्वराज इंडिया ब्यूरो/कानपुर। बारिश के बाद खराब हुई सड़कों और गड्ढों को लेकर कानपुर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मंडलायुक्त के. विजयेंद्र पांडियन ने शहर की प्रमुख सड़कों का निरीक्षण कर निर्माण और पैचवर्क की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई गई और सड़क मरम्मत के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
स्वरूप नगर में निर्माण कार्य को लेकर कार्रवाई
स्वरूप नगर में सीएम ग्रिड योजना के तहत चल रहे सड़क निर्माण कार्य का निरीक्षण करते हुए मंडलायुक्त ने काम की प्रगति पर नाराजगी जताई। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, संबंधित ठेकेदार कंपनी पर 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है और निर्धारित समयसीमा में काम पूरा नहीं होने पर ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दी गई है।
सीएम ग्रिड की सड़कों को लेकर प्रशासन ने अक्टूबर 2026 तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा है। मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने और गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करने के निर्देश दिए हैं।
प्रमुख सड़कों के पैचवर्क पर भी जोर
मंडलायुक्त ने इससे पहले रामादेवी से आईआईटी, मैनावती मार्ग, सिंहपुर-कल्याणपुर और स्वरूप नगर-नवाबगंज समेत कई प्रमुख मार्गों का निरीक्षण किया था। उन्होंने क्षतिग्रस्त हिस्सों की पहचान कर तत्काल पैचवर्क कराने के निर्देश दिए थे।
प्रशासन की प्राथमिकता बारिश से खराब हुई सड़कों को जल्द से जल्द यातायात के लिए सुगम बनाना है। हालिया निर्देशों में पैचवर्क को युद्धस्तर पर पूरा करने और सड़कों को मोटरेबल बनाने पर जोर दिया गया है।
नगर निगम की कई सड़कों पर मरम्मत का काम
कानपुर नगर निगम की ओर से भी अलग-अलग इलाकों में सड़क पैचवर्क के लिए कई कार्य जारी हैं। सरकारी ई-टेंडर रिकॉर्ड में सितंबर 2026 के दौरान शहर के विभिन्न वार्डों में पैच रिपेयर से जुड़े कई कार्य दर्ज हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन सड़कों पर बारिश के कारण गड्ढे या क्षतिग्रस्त हिस्से बने हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराया जाए। सितंबर के अंत तक शहर की सड़कों को आवागमन के लिए सुगम बनाने का लक्ष्य भी सामने आया है।
ठेकेदारों को लेकर मंडलायुक्त का सख्त संदेश
सड़क निर्माण और मरम्मत में गुणवत्ता तथा समयसीमा को लेकर प्रशासन ने जवाबदेही तय करने के संकेत दिए हैं। मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि काम की नियमित निगरानी की जाए और लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए।
कानपुर में सड़कों की स्थिति को लेकर हाल के दिनों में लोगों की शिकायतें और सोशल मीडिया पर तस्वीरें भी सामने आती रही हैं। ऐसे में प्रशासन की यह कार्रवाई सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता पर निगरानी बढ़ाने के प्रयास के तौर पर देखी जा रही है।
अब नजर काम की रफ्तार पर
कानपुर में गड्ढों और क्षतिग्रस्त सड़कों को लेकर प्रशासन के सख्त रुख के बाद अब सबसे बड़ी चुनौती तय समयसीमा में काम पूरा कराने की है। 20 लाख रुपये के जुर्माने और ब्लैकलिस्ट की चेतावनी के बाद संबंधित एजेंसियों पर काम तेजी से पूरा करने का दबाव बढ़ गया है।


