
स्लैब काटते ही सामने आया कुआं, प्रशासन ने सुरक्षा के लिए किया कवर, मामले पर सियासत भी तेज
स्वराज इंडिया ब्यूरो/सहारनपुर। सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद मलबा हटाने के दौरान जमीन के नीचे करीब 20 फीट गहरा और लगभग डेढ़ मीटर चौड़ा कुआं मिला है। भारी स्लैब से ढके इस कुएं का पता रविवार सुबह मलबा हटाने के दौरान चला। स्लैब को कटर से काटकर हटाया गया, जिसके बाद नीचे कुआं दिखाई दिया।
मलबा हटाते समय दिखा भारी स्लैब
मलबा हटाने के दौरान प्रशासनिक टीम को जमीन पर एक मजबूत पत्थर का स्लैब दिखाई दिया। मशीन से स्लैब हटाने में सफलता नहीं मिलने के बाद कटर की मदद ली गई। स्लैब हटने पर करीब 20 फीट गहरा कुआं सामने आया। प्रशासन ने फिलहाल कुएं को सुरक्षित रखने के लिए उसे कवर कर दिया है।
कुआं कितना पुराना, अब ASI करेगी जांच
कुएं के सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल उसकी उम्र और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को लेकर है। प्रशासन ने इसकी पुरातनता और इतिहास की जांच के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी ASI को सूचना दी है। अभी कुएं की वास्तविक उम्र को लेकर कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
कोर्ट के आदेश के बाद हुई थी ध्वस्तीकरण कार्रवाई
कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को लेकर जमीन और निर्माण की वैधता का विवाद चल रहा था। प्रशासन के मुताबिक संबंधित न्यायिक प्रक्रिया के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। वहीं मस्जिद पक्ष की ओर से कार्रवाई की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं और मामले को आगे अदालत में चुनौती देने की बात कही गई है।
कुएं की खोज के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल
कुएं के सामने आने के बाद मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तंज किया और पूछा कि क्या वह वहां फातिहा पढ़ने जाएंगे। दूसरी ओर विपक्षी नेताओं ने मस्जिद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
प्रशासन की जांच के बाद तस्वीर होगी साफ
फिलहाल कुएं की उम्र, निर्माण काल और उसके ऐतिहासिक महत्व को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं है। ASI और संबंधित प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कुआं कब बनाया गया था और उसका वास्तविक इतिहास क्या है। तब तक मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी जा रही है।


