Saturday, August 22, 2026
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जंतर-मंतर पर आरक्षण के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन, UGC नियमों को लेकर भी गुस्सा, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाया

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में शुक्रवार 21 अगस्त 2026 को आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग को लेकर Reservation Hatao Andolan के तहत बड़ी संख्या में लोग जंतर-मंतर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था और UGC से जुड़े नियमों को लेकर विरोध जताया तथा नारेबाजी की।

जंतर-मंतर पर जुटी भीड़, पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा

प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर और आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। दिल्ली पुलिस के साथ RAF के जवानों की तैनाती की गई और प्रदर्शन स्थल के आसपास बैरिकेडिंग की गई।

दिल्ली पुलिस ने एक दिन पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि 21 अगस्त को जंतर-मंतर पर किसी भी विरोध प्रदर्शन, जुलूस या सभा की अनुमति नहीं दी गई है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर अनुमति मिलने से जुड़े दावों को गलत और भ्रामक बताया था।

रामलीला मैदान में मिली थी सीमित अनुमति

पुलिस की ओर से Reservation Hatao Andolan के लिए रामलीला मैदान में शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी। अनुमति के तहत अधिकतम 500 लोगों के जुटने और शाम 4 बजे तक प्रदर्शन की व्यवस्था थी। पुलिस ने जुलूस निकालने या निर्धारित स्थल पर लंबे समय तक रुकने की अनुमति नहीं दी थी।

इसके बावजूद प्रदर्शनकारी बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पहुंच गए। रिपोर्टों के मुताबिक सुबह वहां जुटे कुछ लोगों को पुलिस ने हटा दिया, क्योंकि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी।

UGC और आरक्षण व्यवस्था को लेकर प्रदर्शन

प्रदर्शनकारियों ने जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग उठाई। आंदोलन से जुड़े लोगों की ओर से शिक्षा और सरकारी नौकरियों में मेरिट आधारित व्यवस्था की मांग भी सामने आई। साथ ही UGC से जुड़े नियमों को लेकर भी विरोध जताया गया।

आंदोलन से जुड़े पक्षों ने आर्थिक स्थिति, दिव्यांगता, अनाथ या शहीद परिवार जैसे आधारों पर सरकारी सहायता देने की मांग भी रखी है। हालांकि इन मांगों और आरक्षण व्यवस्था को लेकर देश में व्यापक राजनीतिक और संवैधानिक बहस जारी है।

प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव का माहौल

जंतर-मंतर पर जुटे प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उनका विरोध शांतिपूर्ण था और वे अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे थे। दूसरी ओर पुलिस का रुख यह रहा कि जंतर-मंतर पर इस दिन प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी और कानून-व्यवस्था बनाए रखना जरूरी था। मौके पर पुलिस और RAF की मौजूदगी के बीच प्रदर्शनकारियों को हटाने की कार्रवाई की गई।

फिलहाल जंतर-मंतर पर हुए घटनाक्रम को लेकर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के दावों में अंतर दिखाई दे रहा है। इसलिए हिरासत में लिए गए लोगों की सटीक संख्या या कार्रवाई की विस्तृत जानकारी की पुष्टि आधिकारिक रिकॉर्ड से किया जाना जरूरी है।

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