
— पत्नी आईएएस अमनीत ने उठाए निष्पक्ष जांच पर सवाल
हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जांच की मांग, परिवार की सुरक्षा को लेकर भी जताई चिंता
स्वराज इंडिया न्यूज ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा के आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की रहस्यमयी मौत के चार दिन बीत जाने के बाद भी उनका अंतिम संस्कार नहीं हो सका है। मॉर्चरी में रखे शव को लेकर अब सवालों का दौर शुरू हो गया है — आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक आईपीएस अधिकारी की मौत के बाद उनकी पत्नी, जो खुद वरिष्ठ आईएएस हैं, अंतिम संस्कार की अनुमति नहीं दे रहीं?
दरअसल, मृतक अधिकारी की पत्नी आईएएस अमनीत पी कुमार ने अपने पति की मौत की जांच हरियाणा हाईकोर्ट के सिटिंग जज से कराने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल तभी जांच निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से हो पाएगी। उन्होंने एफआईआर में संशोधन कर सभी आरोपियों के नाम प्रॉपर फॉर्मेट में दर्ज करने की भी मांग की है।
आईएएस अमनीत पी कुमार ने परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की अपील भी की है। उनका आरोप है कि उनके पति जातीय भेदभाव के शिकार थे और अब इतने बड़े अफसरों के खिलाफ आवाज उठाने के बाद उन्हें और उनके परिवार को खतरा महसूस हो रहा है।
माना जा रहा है कि आईएएस अमनीत पी कुमार का मानना है कि अगर अभी अंतिम संस्कार कर दिया गया तो मामला धीरे-धीरे ठंडे बस्ते में चला जाएगा। इसी वजह से वे जांच पूरी होने से पहले अंतिम संस्कार नहीं होने देना चाहतीं।
इस बीच, शुक्रवार देर रात हरियाणा की गृह सचिव सुमिता मिश्रा ने अमनीत पी कुमार से मुलाकात की। बातचीत के बाद आईएएस अमनीत पोस्टमार्टम कराने के लिए सहमत हो गई हैं, और उम्मीद है कि आज किसी भी वक्त पोस्टमार्टम प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
हालांकि, अब भी यह स्पष्ट नहीं है कि आईपीएस वाई पूरन कुमार के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार कब होगा।
पूरा राज्य अब इस सवाल का इंतज़ार कर रहा है — एक आईपीएस की मौत के बाद न्याय किस दिशा में जाएगा, और क्या सच सामने आएगा?



